रांची । राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को गम्भीरतापूर्वक आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि प्राध्यापकों को विद्यार्थियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करते रहना चाहिए ताकि हमारे विद्यार्थी इस शिक्षा नीति की विशेषताओं से पूर्णतः अवगत हो सकें।

बैस बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और क्रियान्वयन विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करने के बाद राज्य में स्थित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति-प्रतिकुलपति और कुलसचिव एवं शिक्षाविदों के साथ बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व से प्रचलित शिक्षा नीति में बदलाव लाने पर शुरुआत में तकलीफें हों सकती है लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो रास्ते निकलते चले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्र और देश हित में है। देश का भविष्य अच्छा हो, इसलिए हमें इस राह में आगे बढ़ना ही होगा, इसका कोई विकल्प नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि देश स्वतंत्र हो गया लेकिन मैकाले की शिक्षा पद्धति के कारण मानसिक गुलामी बनी रही। नई शिक्षा पद्धति से यह दूर होगी।

राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की दिशा में हो रही प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किए जाने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों के लिए कार्यशाला, शिक्षा नीति में क्रेडिट सिस्टम, मातृभाषा, व्यावसायिक पाठ्यक्रम इत्यादि के संबंध में निहित प्रावधानों के संदर्भ में की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में यदि कोई कठिनाई होती है, तो बिना संकोच के उनसे सम्पर्क करें।

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