केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार को कठघरे में खड़ा किया
रांची । केंद्र सरकार ने कोविड से मरने वालों के परिजनों को मुआवजे के लिए झारखंड को 454 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। यह राशि दो किस्तों में स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड निधि से जारी की गयी है। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड के लिए अधिकतर राशि केंद्र सरकार जारी करती है। वही राज्य सरकार का 151 करोड़ का हिस्सा है। कुल 605 करोड़ रुपये कोविड मुआवजा के रूप में मिला है। लोकसभा में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सांसद भागीरथ चौधरी के सवाल पर अपने जवाब में यह जानकारी दी। सांसद ने गृह राज्यमंत्री से पूछा था कि कोविड 19 के कारण मरने वाले व्यक्तियों के निकट संबंधियों को अनुग्रह राशि का भुगतान करने के लिए केद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य आपदा राहत कोष के लिए राज्य सरकार को कितनी धनराशि जारी की है। उक्त धनराशि में से राज्य सरकार द्वारा अब तक उपयोग की गयी धनराशि का ब्यौरा क्या है। इस सवाल के जबाब में गृह राज्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 के कारण मारे गये व्यक्तियों के निकटतम संबंधी को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड से 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने के लिए राज्यों को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड का उपयोग करने की अनुमति दी थी। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड के लिए अधिकतर राशि केंद्र सरकार जारी करती है।
राज्य में नहीं मिला है लोगों को मुआवजा
पिछले साल झारखंड सरकार ने कोरोना से मृतक के आश्रितों के लिए मुआवजा राशि की घोषणा की थी। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने आदेश जारी कर कहा था कि राज्य में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जायेगी। मंत्री ने बताया था कि मृतकों के लिए 25.26 करोड़ रुपये की राशि सभी 24 जिलों में दे दी गयी है। लेकिन राज्य में अब तक कोरोना से मृतक के परिजनों को मुआवजा की राशि नही मिली है। वहीं केद्र सरकार कोविड मुआवजा के रूप में झारखंड सरकार को 454 करोड़ आवंटित करने का दावा कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट के फटकार के बाद सरकार ने मुआवजे की राशि तय की
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र सरकार ने कोविड से मरने वालों के परिजनों को मुआवजे की राशि तय की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कोविड से मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि दिए जाने को मंजूरी दी थी. यह राशि राज्य सरकारें अपने आपदा प्रबंधन कोष से देगी. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आवेदन करने के 30 दिन में मुआवजा देना होगा. केंद्र ने अदालत को बताया था कि राज्य सरकारें यह राशि परिजनों को मुहैया कराएंगी. अदालत ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा था कि वह आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती. इसके बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कोरोना से मौत पर परिवार को 50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा.
ऐसे मिलेगा मुआवजा
1. मृतक के परिजन या आश्रित फॉर्म में जरूरी कागजात सहित आवेदन संबंधित सीओ कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय या ऊउ कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा आॅनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की व्यवस्था की गई है.
2. जिला प्रशासन आवेदन का सत्यापन संबंधित अंचल अधिकारी से कराएगा.
3. सीओ के सत्यापन के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार द्वारा आवेदन की समीक्षा की जाएगी.
4. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के निर्णय के बाद मुआवजे की राशि आश्रितों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी.