रांची। रिम्स में इलाज करवा रही निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल और सीआइपी में नशा मुक्ति का इलाज करवा रहे मुख्यमंत्री के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा की गतिविधियों पर नजर रखने को लेकर इडी ने डीजीपी और अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखा है। इडी ने दोनों अस्पताल प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि पूजा सिंघल और पंकज मिश्रा की गतिविधियों पर नजर रखें। पूजा सिंघल के मामले में रिम्स निदेशक और पंकज मिश्रा के मामले में सीआइपी निदेशक को इडी ने पत्र लिखा है। इडी ने पत्र के जरिये दोनों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही डीजीपी नीरज सिन्हा को भी पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि न्यायिक हिरासत में इलाजरत पंकज मिश्रा और पूजा सिंघल की गतिविधियों पर नजर रखी जाये। पंकज मिश्रा ने हिरासत में रिम्स में रहने के दौरान 27 जुलाई से 20 अक्टूबर तक 300 से अधिक कॉल किये थे। इसके साथ ही गैरकानूनी तरीके से पंकज मिश्रा कई लोगों से रिम्स में मिले भी थे। इस मामले में इडी जांच कर रही है। पंकज मिश्रा को अब रिम्स से सीआइपी के नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। यही वजह है कि इडी ने सीआइपी निदेशक को पत्र लिखा है कि पंकज मिश्रा 1000 करोड़ के मनी लाउंड्रिंग के मामले में आरोपित हैं और रिम्स में रहने के दौरान उनकी गतिविधियां काफी संदिग्ध रही थीं। सीआइपी निदेशक को निर्देश दिया है कि पंकज मिश्रा को जेल मैनुअल के अधीन रखते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने दें। साथ ही किसी भी व्यक्ति को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जाये, जेल मैनुअल का पालन सीआइपी में सुनिश्चित करें। निलंबित आइएएस पूजा सिंघल पर भी इडी की नजर है। अंदेशा है कि रिम्स के पेइंग वार्ड में रहने के दौरान वह फोन का इस्तेमाल कर सकती हैं। साथ ही अवांछनीय तरीके से कुछ लोग भी उनसे मिलने आ सकते हैं। ऐसे में रिम्स निदेशक को कहा गया है कि वह उनकी गतिविधियों की मॉनिटरिंग करायें। इसके साथ ही डीजीपी को भी इस मामले में पत्र भेजा है।

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