रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के संदर्भ में लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान झारखंड के एक सांसद द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर मंगलवार को राज्य सरकार ने कड़ी निंदा और नाराजगी व्यक्त की है। हालांकि, इन टिप्पणियों को संसदीय रिकॉर्ड से हटा दिया गया।

राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में निर्वाचित जन प्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विचार-विमर्श और संवाद में शब्दों की गरिमा को बनाए रखें। उक्त सांसद द्वारा उपयोग किए गए आपत्तिजनक शब्द एक सांसद से अपेक्षित नहीं है।

उल्लेखनीय है सोमवार को संसद में निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अमर्यादित टिप्पणी की थी। निशिकांत दुबे के उस टिप्पणी पर हो रहे हंगामे के कारण सदन को सवा घंटे तक स्थगित करना पड़ा।

लोकसभा में हेमंत सोरेन को बलात्कारी कहे जाने का मामला झारखंड विधानसभा में गरमाया

  • सदन से निंदा प्रस्ताव पारित कर लोकसभा अध्यक्ष को भेजना चाहिए : प्रदीप यादव

रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी जमकर हंगामा किया। लोकसभा में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को बलात्कारी कहे जाने मामले का सत्ता पक्ष के विधायकों ने हंगामा किया और वेल में आकर नारेबाजी की।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक प्रदीप यादव ने सदन को सूचना दिया कि झारखंड के एक सांसद ने लोकसभा में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को बलात्कारी कहा है। यह कभी भी झारखंड की जनता नहीं सहेगी। वह तो खुद झूठा आदमी है। ऐसा व्यक्ति जिसके खुद के रिश्ते बहुत गंदे है और जिसने अपनी बहन से शादी की है वह मुख्यमंत्री पर आरोप लगता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले पर सदन से निंदा प्रस्ताव पारित कर लोकसभा अध्यक्ष को भेजना चाहिए। विधायक सुदिव्य सोनू ने भी स्पीकर से इस मामले पर सदन से निंदा प्रस्ताव लाकर लोकसभा अध्यक्ष को भेजने का आग्रह किया। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने भी सदन से निंदा प्रस्ताव पारित कराने की मांग की। इसपर स्पीकर ने कहा कि आसन इसपर विधि सम्मत निर्णय लेगा।

उल्लेखनीय है कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग के पीछे वजह यह थी कि सोमवार को संसद में निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अमर्यादित टिप्पणी की थी। निशिकांत दुबे के उस टिप्पणी पर हो रहे हंगामे के कारण सदन को सवा घंटे तक स्थगित करना पड़ा।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version