-झारखंड की 1,14,007 सहकारी समितियों को मिले 7.4 करोड़
-देशभर में कार्यरत हैं 8 लाख सहकारी समितियां
रांची। भारत में 798044 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं। इन समितियां के माध्यम से 29.14 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। झारखंड में 11407 सहकारी समितियां हैं, जिसके माध्यम से 20 लाख 92 हजार 444 लोग जुड़े हुए हैं। सहकारिता मंत्रालय 63000 कार्यात्मक पैक्स के कंप्यूटरीकरण के लिए एक परियोजना कार्यान्वित कर रहा है। इसके तहत 10.99 करोड़ जारी किये गये हैं। उक्त आशय की जानकारी केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दी। सांसद संजय सेठ ने लोकसभा में सहकारी क्षेत्र में कार्यरत समितियां से संबंधित सवाल पूछा था।
मंत्री ने बताया कि सीडीसी के द्वारा कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। नंदिनी सहकार के माध्यम से महिलाओं की सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए कई कदम उठाये जाते हैं। डेयरी सहकार के माध्यम से पर्यावरण, सामाजिक और शासन से जुड़ी गतिविधियों पर काम किया जाता है। डिजिटल सहकार के माध्यम से डिजिटल इंडिया के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य किया जाता है। स्वयं शक्ति सहकार योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा 10000 एफपीओ का गठन और संवर्धन की योजना भी बनायी गयी है। इस पर कार्य भी चल रहा है। मत्स्य पालन, कृषि और संरचना विकास निधि के तहत मछली पालन और पशुपालन के साथ डेयरी उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विगत 3 वर्षों में झारखंड को सहकारी समितियां और सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए 7.40 करोड़ प्रदान किये गये हैं, जिसमें 7.10 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गयी है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version