रांची। झारखंड हाइकोर्ट में साहिबगंज में चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े एक मामले में आरोपित कुलदेव साह की दो क्रिमिनल अपील मामले में विधि विज्ञान निदेशालय एवं प्रयोगशाला रांची ने हाइकोर्ट में जवाब दाखिल किया है। यह रिपोर्ट विधि विज्ञान निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर बृजकुमार ठाकुर ने दायर किया है।
उन्होंने बताया है कि कोर्ट ने आठ नवंबर को विधि विज्ञान निदेशालय से बरामद बच्चे और उसके पिता की डीएनए रिपोर्ट मांगी थी। डीएनए रिपोर्ट में बरामद बच्चे और उसके तथा पिता की डीएनए मैच नहीं हुआ है, जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि बरामद लड़का पीड़ित पिता का बायोलॉजिकल पुत्र नहीं है।
पिछली सुनवाई में साहिबगंज एसपी नौशाद आलम ने हाइकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर डीएनए टेस्ट को एक जटिल प्रक्रिया बताते हुए कोर्ट से समय की मांग की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ कर रही है। खंडपीठ ने पिछले सुनवाई में दो गुमशुदा बच्चों में से बरामद किये गये एक बच्चे के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट डायरेक्टर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रांची मांगी थी।
उल्लेखनीय है कि कुलदेव साह और वीरेंन साह के खिलाफ परिवादी एम हेंब्रोम ने साहिबगंज कोर्ट में अपने बेटे की चाइल्ड ट्रैफिकिंग करने को लेकर कंप्लेन केस संख्या 148-2022 दर्ज कराया है। उनका बच्चा वर्ष 2018 से लापता है।
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