Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Tuesday, July 7
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»देश»गैरसरकारी संगठनों और हरियाणा पुलिस के साझा प्रयासों से बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुई नेपाली नाबालिग
    देश

    गैरसरकारी संगठनों और हरियाणा पुलिस के साझा प्रयासों से बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुई नेपाली नाबालिग

    adminBy adminDecember 23, 2023Updated:December 23, 2023No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली। तीन गैरसरकारी संगठनों की दो देशों में चार दिन तक चली गहन खोजबीन रंग लाई। इन सबके साथ हरियाणा पुलिस की तत्परता से नेपाल की 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की को हरियाणा के जींद जिले में एक मुर्गीपालन फार्म से मुक्त कराया गया।

    इन गैरसरकारी संगठनों एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन जिसे बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के नाम से भी जाना जाता है, एमडीडी ऑफ इंडिया, हरियाणा और देहात, उत्तर प्रदेश को नेपाल के नेपालगंज से लापता हुई 15 वर्षीय बच्ची समीहा (बदला हुआ नाम) को ट्रैफिकिंग के जरिए भारत लाए जाने के बाबत एक खुफिया सूचना प्राप्त हुई थी। बच्ची द्वारा भेजी गई लोकेशन से पता चला कि उसे हरियाणा ले जाया गया है। अपने-अपने राज्यों में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे इन संगठनों ने तत्काल यह जानकारी हरियाणा की सफीदों की पुलिस से साझा की। पुलिस की टीमों ने इन संगठनों के सहयोग और उनसे मिली जानकारी पर कार्रवाई करते हुए आखिरकार बच्ची को मुक्त करा लिया। बच्ची को उसकी मां के साथ नेपाल रवाना कर दिया गया है।

    बचपन बचाओ आंदोलन के अनुसार तीसरी कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ देने वाली समीहा रोजी-रोजगार की तलाश में थी। इसी दौरान कुछ महीने पहले उसकी एक रिक्शा चालक शिवा और एक बुजुर्ग महिला हसीना से मित्रता हो गई। शिवा और हसीना ने भांप लिया कि बच्ची आर्थिक तंगी की शिकार है और किसी भी तरह दो-चार पैसे कमाना चाहती है। इन दोनों ने बच्ची को अपने साथ भारत जाने के लिए राजी कर लिया। हसीना ने उससे हरियाणा में एक मुर्गीपालन फार्म में नौकरी और अच्छी तनख्वाह दिलाने का वादा किया। समीना पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और सिर से पिता का साया भी उठ चुका था। गरीबी की मार झेल रहे परिवार के भले के लिए उसने तुरंत हामी भर दी।

    जींद जिले के सफीदों स्थित मुर्गीपालन फार्म में पहुंचते ही समीहा ने खतरे को भांप लिया और किसी तरह चोरी-छिपे अपनी मां को फोन से संपर्क कर बताया कि वह खतरे में है। उसने मां को व्हाट्सऐप पर अपनी लोकेशन भी भेजी। भारत-नेपाल सीमा पर छोटी सी किराने की दुकान चलाने वाली समीहा की मां पहले ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करा चुकी थी।

    बेटी को खतरे में देख घबराई मां ने तुरंत भारत-नेपाल सीमा पर काम कर रहे एक बाल अधिकार कार्यकर्ता को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने अपनी सहकर्मी और देहात, उत्तर प्रदेश की कार्यकारी निदेशक देवयानी चतुर्वेदी को इस बाबत सूचित किया। अब तक दोनों कार्यकर्ताओं को भली भांति समीहा के ठिकाने का अंदाजा हो गया था और उन्हें हरियाणा में किसी से संपर्क करने की जरूरत थी। देवयानी ने बताया, “जैसे ही हमें यह जानकारी मिली, हमें पता था कि बिना बहुत से लोगों को बताए हमें तेजी से कदम उठाने होंगे। इसलिए हमने तुरंत सलाह के लिए नई दिल्ली में बचपन बचाओ आंदोलन से संपर्क किया। उन्होंने तुरंत एमडीडी ऑफ इंडया से कॉन्फ्रेंस कॉल पर हमारी बात कराई और हमने सभी जानकारियां उनसे साझा की।”

    एमडीडी की टीम ने बिना समय गंवाए बच्ची को मुक्त कराने के लिए हरियाणा पुलिस से संपर्क किया। एमडीडी ऑफ इंडिया, हरियाणा के सीईओ सुरिंदर सिंह मान ने बताया, “हमने तत्काल सफीदों के पुलिस अधीक्षक आशीष कुमार से संपर्क किया जिन्होंने तुरंत बताई गई लोकेशन पर बच्ची की तलाश के लिए पुलिस टीम रवाना की। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर बच्ची को मुक्त करा लिया।

    बच्ची को बाल कल्याण समिति, जींद के समक्ष पेश किया गया और उसे एक आश्रय गृह में रखा गया। काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने स्वीकार किया कि वह नौकरी के लालच में अपने घर वालों को बताए बिना भारत आ गई थी। काउंसलिंग और चिकित्सा जांच के बाद समीहा को उसी मां के सुपुर्द कर दिया गया और दोनों नेपाल रवाना हो गईं।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleछिपादोहर पुलिस ने जेजेएमपी के चार सक्रिय सदस्य को लेवी के साथ किया गिरफ्तार
    Next Article रेलटेल को एनएफ रेलवे कंस्ट्रक्शन से 66.83 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना मिली
    admin

      Related Posts

      श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते तो असम और पश्चिम बंगाल का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान में होता: अमित शाह

      July 6, 2026

      पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान

      July 6, 2026

      नोएडा में शेयर बाजार निवेश के नाम पर 35 लाख की साइबर ठगी

      July 5, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • RSS कार्यालय हमला: NIA जांच में आतंकी साजिश का खुलासा
      • जेपीएससी रिजल्ट पर गरमाई सियासत: BJP ने बताया ‘झारखंड परीक्षा संकट आयोग’, पीटी परिणाम रद्द करने की मांग
      • श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते तो असम और पश्चिम बंगाल का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान में होता: अमित शाह
      • पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान
      • नेपाल ने चीनी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शुरू की नई पर्यटन परियोजना
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version