मधुपुर। हेमंत सोरेन की कैबिनेट में अल्पसंख्यक समुदाय से 2 मंत्री बनाये गये हैं। डॉ इरफान अंसारी कांग्रेस कोटे से मंत्री बने हैं, तो हफीजुल हुसैन झामुमो कोटे से मंत्री बने हैं। हफीजुल हुसैन इसके पहले भी हेमंत सोरेन की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। गुरुवार को उन्होंने फिर से मंत्री पद की शपथ ली।

मधुपुर विधानसभा सीट से 2 बार जीते
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कद्दावर दिवंगत नेता हाजी हुसैन अंसारी के सुपुत्र हफीजुल हसन अंसारी मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार झामुमो के टिकट पर विधायक चुने गये हैं। पिता हाजी हुसैन अंसारी की कोरोना से मौत के बाद सरकारी नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में आ गये।

झारखंड राज्य खनिज निगम में सर्वेयर रहे हैं हफीजुल हसन अंसारी
मधुपुर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी उच्च विद्यालय से हफीजुल हसन अंसारी ने मैट्रिक तक की पढ़ाई की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह पटना चले गये। बीआइटी सिंदरी से बीटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद कुछ महने तक झारखंड राज्य खनिज निगम में सर्वेयर के रूप में नौकरी की।

हफीजुल के पिता हाजी हुसैन अंसारी 4 बार रहे मधुपुर के विधायक
हालांकि, जेएमएम के कद्दावर नेता हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र हफीजुल हसन अंसारी वर्ष 1995 से साये की तरह अपने पिता के साथ रहे। राजनीति में भी उनकी भागीदारी रही। उनके पिता 1995 से 2020 के बीच 4 बार विधायक निर्वाचित हुए थे। मधुपुर विधानसभा चुनाव में अपने पिता और झामुमो के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी संभालते थे।

कोरोना संक्रमण से हो गयी थी हफीजुल के पिता की मौत
हाजी हुसैन अंसारी झारखंड सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री थे। वर्ष 2020 में कोरोना के संक्रमण से उनकी मौत हो गयी थी। उस समय हाजी हुसैन अंसारी मधुपुर से विधायक थे। हेमंत सोरेन की कैबिनेट में मंत्री भी थे। उनके निधन के बाद हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में एक पद खाली हो गया।

2021 के उपचुनाव में पहली बार हफीजुल बने मधुपुर के विधायक
मुख्यमंत्री ने हाजी हुसैन अंसारी के बेटे हफीजुल अंसारी को उनकी जगह मंत्री बनाया। कुछ महीने बाद वर्ष 2021 में मधुपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए और हफीजुल हसन अंसारी विधायक बने। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी शिकस्त दी।

हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चपाई सोरेन कैबिनेट में भी मंत्री रहे
कथित जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को जब इडी ने गिरफ्तार किया, तो महागठबंधन सरकार की कमान चंपाई सोरेन को सौंपी गयी। चंपाई सोरेन की कैबिनेट में भी हफीजुल हसन अंसारी मंत्री बनाये गये। जेल से बाहर आने के बाद हेमंत सोरेन फिर से मुख्यमंत्री बने, तो तीसरी बार हफीजुल हसन अंसारी को मंत्री बनाया।

चार भाइयों में सबसे बड़े हैं हफीजुल हसन अंसारी
हफीजुल हसन अंसारी 4 भाई हैं। भाईयों में वह सबसे बड़े हैं। दूसरे भाई का नाम तनवीरुल हसन है। वह मधुपुर में मोटरसाइकिल का शोरूम चलाते हैं। तीसरे भाई शब्बीर अंसारी इंजीनियर हैं। सबसे छोटे भाई एकरामुल हसन झारखंड विधानसभा में काम करते हैं।

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