रांची। अमन साहू गिरोह के मयंक सिंह ने आरकेटीसी और बर्बरीक कंपनी को धमकी दी है। मयंक सिंह ने धमकी देते हुए कहा है कि ना तो गैंग में हथियार की कमी है और ना तो गैंग में शूटर की कमी है, इस बार तो बच गये, पर अगली बार खत्म। हमारी कोशिश जारी रहेगी। याद रखना 100 दिन तुम्हारी किस्मत साथ देगी तो तुम मुझसे बचोगे। मेरी किस्मत एक दिन साथ देगी, तो तुम्हारा खेल खत्म। झारखंड में काम कर रहे हो और गैंग को नजरअंदाज करके, पुलिस के साथ मिलकर खेल करके लड़कों को जेल भेजकर रायपुर में रह लोगे। रायपुर क्या इंडिया के किसी कोने में रहोगे या कनाडा, मलेशिया, यूके। दुनिया के किसी देश में रहोगे तो वहां तक अपनी कोशिश जारी रहेगी।
बर्बरीक कंपनी के मालिक को मारने भेजा था शूटर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बर्बरीक कंपनी के मालिक की हत्या के लिए अमन साहू गैंग का अपराधी पहुंचा था। हालांकि पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों में बोकारो का रहने वाला रोहित स्वर्णकार के अलावा राजस्थान के पाली का रहने वाला मुकेश कुमार, देवेंद्र सिंह और पप्पू सिंह शामिल हैं। इन अपराधियों के पास से एक पिस्टल भी बरामद की गयी है। पकड़े गये अपराधियों ने स्वीकार किया है कि अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर घटना को अंजाम देते थे। वर्तमान में अमन साहू गैंग को अपराधी मयंक सिंह मलेशिया में बैठकर ऑपरेटर कर रहा है। बर्बरीक कंपनी ओरमांझी से बोकारो तक भारत माला प्रोजेक्ट के तहत सड़क का निर्माण करा रही है।
आरोपियों से पूछताछ में हुए कई बड़े खुलासे
आरोपियों ने बताया कि प्लानिंग के तहत मयंक सिंह जो झारखंड के कुख्यात अपराधी अमन साहू गैंग को संचालित करता है, उसने रोहित स्वर्णकार निवासी बोकारो झारखंड को पहले पिस्टल के लिए मध्यप्रदेश के इंदौर शहर भेजा। इंदौर के सेंधवा से अपने संपर्क के माध्यम से एक पिस्टल और एक मैग्जीन उपलब्ध करायी गयी। फिर मयंक ने ही रोहित को पिस्टल लेकर रायपुर पहुंचने को कहा। मयंक सिंह द्वारा राजस्थान के जिला पाली के ग्राम सारन में बैठे पप्पू सिंह को वारदात को अंजाम देने के लिए एक बाइक राइडर की व्यवस्था करने को कहा। पप्पू सिंह ने सारण निवासी मुकेश कुमार भाट और देवेंद्र सिंह को वारदात के वक्त बाइक चलाने के लिए रायपुर रवाना किया। रोहित स्वर्णकार इंदौर के सेंधवा से पिस्टल लेकर उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर ट्रेन से रायपुर पहुंचा। इधर मुकेश और देवेंद्र बस के माध्यम से रायपुर पहुंचे। प्लानिंग के मुताबिक, रायपुर पुलिस के जवान इन्हें चिह्लित करने सादे लिबास में शहर के संभावित स्थलों पर तैनात किये गये। सादे लिबास में पेट्रोलिंग की अलग पार्टियां तैनात की गयीं। जिसके बाद पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।