पलामू (झारखंड): झारखंड में लंबित छात्रवृत्ति के मुद्दे पर आजसू छात्र संघ ने बुधवार को पलामू में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। ‘शिक्षा के लिए भिक्षा’ आंदोलन के तहत सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और हेमंत सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। अंबेडकर पार्क से शुरू हुआ यह पैदल मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंचा, जहाँ छात्रों ने कार्यालय का घेराव किया।
हजारों छात्रों का भविष्य अधर में आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से छात्रवृत्ति की राशि लंबित है, जबकि यह छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। समय पर भुगतान न होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर, विशेषकर दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के छात्र अपनी पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
शिक्षा के लिए भिक्षा मांगने की आई नौबत कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो और वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने सरकार की नीतियों को असंवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि आज छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सड़कों पर ‘भिक्षा’ मांगने की नौबत आ गई है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। पलामू के छात्र नेता अभिषेक राज ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति न मिलने से छात्रों के लिए हॉस्टल शुल्क और परीक्षा फॉर्म भरना तक मुश्किल हो गया है।
सरकार को चेतावनी प्रदर्शन के अंत में उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें अविलंब छात्रवृत्ति भुगतान की मांग की गई है। आजसू नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही इस पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाती है, तो पूरे झारखंड में एक उग्र राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर राणा हिमांशु सिंह और राहुल मिश्रा सहित प्रमंडल के कई प्रमुख छात्र नेता उपस्थित थे।

