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    Home»देश»86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन संपन्न, मुख्यमंत्री योगी ने सदन काे बताया समग्र विकास का मंच
    देश

    86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन संपन्न, मुख्यमंत्री योगी ने सदन काे बताया समग्र विकास का मंच

    shivam kumarBy shivam kumarJanuary 21, 2026No Comments5 Mins Read
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    – देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था भारतीय संसद दुनिया के लिए प्रेरणा: याेगी आदित्यनाथ
    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत दुनिया के लोकतंत्र की जननी है और यहां प्राचीन काल गांवों में पंच की व्यवस्था लोकतंत्र का हिस्सा थी और आज देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था भारतीय संसद दुनिया के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को न्याय देने के लिए कानून भी विधा​यिका बनाती है और विकास की योजनाएं भी इसी सदन में बनती हैं। इसलिए सदन समग्र विकास का मंच होता है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार काे उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित तीन दिवसीय 86वें पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समापन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उत्तरप्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह मंचस्थ रहे।

    समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मेलन की मेजबानी का माैका उत्तर प्रदेश विधानसभा काे देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सदन समग्र विकास का मंच होते हैं और इस मंच का उपयोग कैसे और कहां करना है, यह पीठ को तय करना है । भारतीय संविधान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत है और दुनिया में सबसे पुराना लोकतंत्र भारत का है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वराज की अवधारणा गांवों की इसी व्यवस्था में निहित है।

    सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था है संसद
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने संसद के नियम और परिनियम समझ लिए तो उसे विधानसभा चलाने में कोई दिकक्त नहीं आएगी। संसद में कैसे सवाल आते हैं और किस प्रकार से जवाब दिए जाते हैं। यह सब आसानी से सीखा जा सकता है। अपने सांसद के कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमने बहुत सीखा है और उससे कार्य करने में बड़ी मदद मिली है। उत्तर प्रदेश की विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना व विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह बहुत ही अच्छे तरीके से सदन चलाते हैं। विपक्ष को भरपूर मौका मिलता है। यहां सदन का समय बर्बाद नहीं होता है और विपक्ष को पूरा समय मिलता है और मंत्री और प्रश्नकर्ता भी पूरी तैयार से आते हैं।

    चुनौतियों के बीच तकनीक को अपनाना होगा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले के मुकाबले अब तरह तरह की चुनौतियां आ रही हैं। इन्हीं चुनौतियों के बीच हमें तकनीक को अपनाते हुए सदन चलाना होगा। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि उत्तर प्रदेश विधानसभा और परिषद में पेपरलेस है। कैबिनेट भी पेपरलेस और बजट तक पेपरलेस है। इस पेपरलेस व्यवस्था से हजारों वनस्पतियां कटने से बची और प्रकृति का संरक्षण किया जा रहा है।

    ज्वलंत मुद्दों को सदन में उठाएं जनप्रतिनिधि
    उन्होंने पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में सदन की न्यूनतम 30 दिन की बैठकें आयोजित करने के प्रस्ताव की सराहना की। उन्होंने कहा कि सदन में समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज उठनी चाहिए। समाज के ​कल्याणकारी योजनाओं बननी चाहिए और जनप्रतिन​धियों को चाहिए कि वे ज्वलंत मुद्दों को उठाएं और उनका निराकरण कराएं।

    उप्र विधानसभा में चर्चा की रहती है होड़
    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में चर्चा के लिए होड़ लगी रहती है। यहां विकसित भारत को लेकर 24 घंटे सार्थक चर्चा हुई और रात 11 बजे तक लगभग 300 प्रतिनिधि इस चर्चा में शामिल रहे। स्थिति यह रहती है कि सदस्य लंच से ज्यादा चर्चा के लिए उत्सुक रहते हैं। पीठ पक्ष और विपक्ष को भरपूर समय देती है और हम इस चर्चा में आए सुझावों सदस्यों के अनुभवों को प्रदेश के विकास की योजनाओं में शामिल करते हैं।

    सम्मेलन ने विकसित भारत की संकल्पना को सार्थक बनाया
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश भी पूरी तरह से तैयार है। ​विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सरकार ने उत्तर प्रदेश के वि​कसित उत्तर प्रदेश के लिए प्रदेश के सभी लोगों से सुझाव मांगे हैं और लगभग 98 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों को श्रेणीवार तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले के लिए एक कमेटी बनाई गई है। प्रदेश के पूर्व नौकरशाह, शिक्षाविद और युवाओं की एक कमेटी इस दिशा में बेहतर काम कर रही है। इन सुझावों को विजन डाक्यूमेंट का हिस्सा बनाएंगे और स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक इस पर अमल में लाएंगे।

    सदन में नारेबाजी व प्रदर्शन की जगह नहीं : लोकसभा अध्यक्ष
    समापन समारोह में इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा कि सदन का हर समय कीमती होता है। इसलिए सदन के अंदर सहमति -असहमति के लिए जगह है, लेकिन गतिरोध के लिए बिल्कुल जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार के प्रदर्शन के लिए भी सदन नहीं है। अगर किसी सदस्य को करना है तो राजनीतिक प्रदर्शन सदन के बजाए बाहर करें। ताकि शासन की पारदर्शिता हो सके। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हम सब पीठासीन अधिकारी हैं और हमारी जवाबदेही है। उन्होंने आशा जताई कि दो दिन की चर्चा के बाद हम आगे बढ़ेंगे। हमारी कोशिश होगी कि जनता का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा बढ़े।

    सम्मेलन काे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भी संबोधित किया। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए सभी प्रतिनिधियों को सहयोग के लिए आभार जताया। कहा कि अगर कोई त्रुटि हुई हो तो वे स्वयं जिम्मेदार हैं । उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने मंचस्थ अतिथियों और देश के विभिन्न राज्यों से आए पीठासीन अधिकारियों के प्रति आभार जताया।

    अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में पक्ष और विपक्ष के सदस्याें के साथ कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी माैजूद रहे। इस सम्मेलन में 28 राज्यों, तीन केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं और छह विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया। समापन के बाद सभी प्रतिनिधियाें का अयाेध्या भ्रमण व श्रीराम लला के दर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

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    shivam kumar

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