Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Saturday, September 19
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»राज्य»TMC सिंबल फ्रीज होने पर ममता बनर्जी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट, 21 सितंबर को सुनवाई की संभावना
    राज्य

    TMC सिंबल फ्रीज होने पर ममता बनर्जी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट, 21 सितंबर को सुनवाई की संभावना

    shivam kumarBy shivam kumarSeptember 19, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के चुनाव आयोग (ECI) के अंतरिम आदेश के खिलाफ ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनकी याचिका में चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसके तहत पार्टी के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए गए हैं।

    चुनाव आयोग ने TMC में आंतरिक विवाद के बीच 17 सितंबर को पार्टी के नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह को अंतिम विवाद निपटने तक फ्रीज करने का फैसला किया था। आयोग के मुताबिक, दोनों गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहे हैं। आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनाव को देखते हुए दोनों पक्षों को अलग पहचान के साथ चुनाव लड़ने की व्यवस्था की गई है।

    21 सितंबर को सुनवाई संभव

    ममता बनर्जी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की जा सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार 21 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किए जाने की संभावना है।

    दोनों गुटों को मिला नया नाम और चुनाव चिन्ह

    ECI के अंतरिम आदेश के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह दिया गया है। ये व्यवस्थाएं मौजूदा उपचुनाव के लिए हैं और मूल TMC नाम तथा आरक्षित चिन्ह पर अंतिम फैसला अलग से होना है।

    क्यों फ्रीज किया गया TMC का नाम और सिंबल?

    चुनाव आयोग ने कहा कि पार्टी के भीतर दो प्रतिद्वंद्वी गुट हैं, जो संगठन के नियंत्रण और मूल पार्टी पहचान पर दावा कर रहे हैं। आयोग ने चुनाव चिन्ह आदेश, 1968 के प्रावधानों के तहत अंतरिम व्यवस्था करते हुए दोनों गुटों को अलग नाम और मुक्त चुनाव चिन्ह चुनने का विकल्प दिया। इसका उद्देश्य उपचुनाव के दौरान दोनों पक्षों की अलग पहचान सुनिश्चित करना है।

    ममता बनर्जी ने ECI के फैसले पर क्या कहा?

    ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने अपने सार्वजनिक बयानों में फैसले को लोकतंत्र के लिए गंभीर कदम बताया और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की पहचान को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ये उनके राजनीतिक आरोप और दावे हैं; इन पर चुनाव आयोग या अन्य पक्षों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

    नंदीग्राम उपचुनाव का भी जुड़ा है मामला

    यह विवाद पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ने की अनुमति दी है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleअसीम मंडल की गिरफ्तारी से नक्सल अभियान को बड़ा झटका, 55 मामलों में दर्ज था नाम; जानिए पूरा रिकॉर्ड
    Next Article पाकिस्तान को तालिबान की खुली चेतावनी, अफगानिस्तान में घुसे तो मिलेगा जवाब; कोहाट हमले के बाद बढ़ा तनाव
    shivam kumar

      Related Posts

      MP हाईकोर्ट के रिटायर जज अवनींद्र कुमार सिंह का बड़ा संकल्प, ₹1.1 करोड़ PM CARES Fund में करेंगे दान

      September 19, 2026

      गोविंद बल्लभ पंत: उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री की कहानी, जिनके नेहरू जीवनभर रहे शुक्रगुजार

      September 19, 2026

      एमएस सुब्बुलक्ष्मी का गाना सुन भावुक हुईं निर्मला सीतारमण, जानिए कौन थीं भारत की महान गायिका

      September 19, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      Recent Posts
      • MP हाईकोर्ट के रिटायर जज अवनींद्र कुमार सिंह का बड़ा संकल्प, ₹1.1 करोड़ PM CARES Fund में करेंगे दान
      • पाकिस्तान के कोहाट में मस्जिद के पास बड़ा आतंकी हमला, 21 की मौत और 100 से ज्यादा घायल
      • ट्रंप ने रूस-ईरान प्रतिबंध कानून पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर 100% तक टैरिफ का रास्ता साफ
      • नहीं रहीं पूर्व मंत्री विमला प्रधान, सिमडेगा की राजनीति में लंबे सफर का हुआ अंत
      • गोविंद बल्लभ पंत: उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री की कहानी, जिनके नेहरू जीवनभर रहे शुक्रगुजार
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version