बोकारो (चंद्रपुरा): झारखंड के बोकारो जिले स्थित चंद्रपुरा थाना क्षेत्र की एक आवासीय कॉलोनी में गुरुवार रात अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस दुस्साहसिक वारदात में नरेश सिन्हा और उनकी पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका बेटा रोहित सिन्हा गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया है।
आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रहा बेटा
घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल रोहित सिन्हा को बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) ले जाया गया, जहां उसे आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की देखरेख में उसका सीटी स्कैन कराया गया है और परिजनों के अनुसार उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है।
एसडीपीओ के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
शुक्रवार सुबह एसडीपीओ रवींद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए हैं। घटना के बाद कॉलोनी में सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
जमीन विवाद और वित्तीय लेन-देन की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश के अनुसार, इस दोहरे हत्याकांड (Double Murder) के तार जमीन से जुड़े विवाद या किसी बड़े वित्तीय लेनदेन से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने के बाद ही मुख्य कारणों का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।
35 वर्षों से चंद्रपुरा में रह रहे थे नरेश सिन्हा
मूल रूप से बोधगया (बिहार) के निवासी मृतक नरेश सिन्हा पिछले 35 वर्षों से चंद्रपुरा में ही अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वह वर्ष 2017 में चंद्रपुरा प्लांट की एक निजी कंपनी से रिगर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। नरेश सिन्हा के एक बेटा और बेटी राज्य से बाहर रहते हैं, जो सूचना मिलने के बाद बोकारो के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार, परिजनों के पहुंचने के बाद ही पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।

