आफताब / विकास
घाघरा (गुमला)। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विकास विरोधी ताकतों को सरकार सीधे होटवार जेल भेजेगी। विपक्ष ने वोट बैंक की राजनीति कर झारखंड में 14 साल तक आदिवासियों को छलने का ही काम किया है। अनाथों का नाथ रघुवर दास है। मेरे शासनकाल में कोई भी अपने को असहाय असुरक्षित महसूस न करें। गांव की बेटियां रोजगार की तलाश में पलायन न करें। सीधे डीसी कार्यालय में आवेदन दें। उन्हें सरकार गारमेंट के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करायेगी। सभी बालिकाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित कर सीधे रोजगार से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को गुमला के घाघरा प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय बदरी परिसर में आयोजित कार्तिक उरांव स्मृति जतरा सह खेलकूद प्रतियोगिता के समापन के मौके पर ये बातें कहीं।
लालच देकर धर्मांतरण करानेवालों पर सीधी कार्रवाई करेगी सरकार
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार आदिवासियों का विकास कर कार्तिक उरांव के सपने को साकार करने में जुटी है। कार्तिक उरांवजी का सपना था कि धर्मांतरण का कानून बने। मैंने सरकार बनने के साथ ही इस पर पहल करते हुए धर्मांतरण का कानून बनाया। गांव के गरीब आदिवासी की पहचान उसकी संस्कृति एवं सभ्यता है। इसे आप लोगों को संजोये के रखने की जरूरत है। इसके लिए कार्तिक उरांव हमेशा प्रयासरत रहे। लोभ लालच में आकर धर्मांतरण न करें। लालच देकर धर्मांतरण करानेवाले लोगों को पर सीधी कार्रवाई सरकार करेगी।
किसानों का विकास कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विकास की योजनाओं और पशुपालन के साथ जुड़ कर किसान लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों की आय दुगनी करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना लायी गयी है। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ को आगे बढ़ा के लिए सरकार प्रत्येक बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा और शादी तक 70,000 रुपये दे रही है। एक बेटी शिक्षित होने से दो परिवार शिक्षित होते हैं। शिक्षा ही विकास की पहली कूंजी है।
डबल इंजन की सरकार में आदिवासियों का हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के विकास के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की है। 67 वर्ष के कांग्रेस के शासनकाल में गरीब आदिवासियों का विकास नहीं हो सका। डबल इंजन की सरकार आने से आदिवासियों का विकास हो रहा है। नारी उत्थान के लिए सरकार गांव-गांव में सखी मंडल का गठन कर सीधे महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। झारखंड की पहचान गीत-नृत्य-संगीत है, जिसमें मांदर की थाप हमारी पहचान है। हमें हमारी संस्कृति एवं परंपरा को अक्षुण्ण बनाये रखना है।