रांची/देवघर। केंद्र सरकार के निर्देश पर रिजर्व बैंक द्वारा झारखंड के खाते से 1417.50 करोड़ रुपये काटे जाने का मामला लगातार गरमा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को इस मुद्दे पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कार्रवाई झारखंड के साथ बर्बरता है और इस मुद्दे पर भाजपा चुप क्यों है। देवघर रवाना होने से पहले सीएम ने इस मुद्दे पर सिलसिलेवार कई ट्वीट किये। उन्होंने कहा कि झारखंड के साथ हो रहे इस व्यवहार पर आम झारखंडियों की तरह भाजपा के लोगों का मन उद्वेलित क्यों नहीं है। सीएम ने कहा कि केंद्र के निर्देश पर रिजर्व बैंक जो बकाया आज काट रहा है, वह भाजपा के ही तानाशाही भरे पांच साल के शासन का नतीजा है, जिसमें उन्होंने राज्य के खजाने को लगभग शून्य पर ला पटका था। तबसे हमने अपने सीमित संसाधनों से ना सिर्फ कोरोना से मुकाबला जीता है, बल्कि अपने हर वादे को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सीएम का ट्वीट, यह शर्म की बात है
झारखंड से 12 सांसद हैं केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए में, पर कितनी शर्म की बात है कि झारखंड एवं झारखंडवासियों से लगातार हो रहे पक्षपात पर किसी की तरफ से एक आवाज नहीं। आज झारखंडियों के हक के पैसे तो तुरंत काट लिये गये केंद्र सरकार द्वारा, पर हमारे पैसे हमें कब लौटाये जायेंगे?
जीएसटी का 2982 करोड़ बकाया
झारखंड को जीएसटी मुआवजे के रूप में केंद्र सरकार से 2982 करोड़ रुपये मिलने हैं। इसके अलावा 38 हजार छह सौ करोड़ रुपये कोल इंडिया और खान विभाग का बकाया है। झारखंड में कोयला खनन के लिए जो जमीन कोयला कंपनियों ने ली है, उसके लगान का 33 हजार करोड़ रुपया भी आज तक बकाया है। झारखंड सरकार इन बकाये के भुगतान की मांग कर रही है।
राज्य के खजाने में 524 करोड़ ही बचे
रिजर्व बैंक द्वारा 1417.50 करोड़ रुपये काटे जाने के बाद झारखंड सरकार की वित्तीय स्थिति चरमरा गयी है। झारखंड पर अभी 85 हजार करोड़ का कर्ज है और इसके ब्याज के रूप में हर साल 5645 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। राज्य के खजाने में 15 अक्टूबर तक 524 करोड़ रुपये ही बचे हुए थे, जबकि वेतन और पेंशन में ही 15 सौ करोड़ हर महीने खर्च होते हैं।
जरूरत पड़ी, तो आर्थिक नाकेबंदी : विनोद पांडेय
झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार का झारखंड के साथ रवैया असहयोगात्मक है। यदि केंद्र अपने रवैये में परिवर्तन नहीं लाता है, तो जरूरत पड़ने पर पार्टी आर्थिक नाकेबंदी करने को बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि झामुमो संघर्ष से बनी पार्टी है और राज्य की जनता के हित के लिए संघर्ष करने को पार्टी तैयार है।
पद की गरिमा गिरा रहे मुख्यमंत्री : दीपक प्रकाश
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा है कि मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के नेता आर्थिक नाकेबंदी की बात कह रहे हैं। मुख्यमंत्री संवैधानिक पद है और ऐसा कह कर वे अपने पद की गरिमा गिरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि डीवीसी का बकाया है, तो वह देना ही होगा। डीवीसी जिंदा रहेगा, तभी तो जनता को बिजली मिलेगी।
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