संक्रमितों को राहत देने और व्यवस्था को भी गति देने की जरूरत बतायी
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य में जारी चिकित्सा सहायता योजना को नये सिरे से बनाया जायेगा, ताकि कोरोना संक्रमित मरीजों को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने मंगलवार को विभागीय अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि झारखंड समेत पूरा देश महामारी के दौर से गुजर रहा है। फिलहाल कोरोना की दूसरी लहर बहुत तेजी के साथ लोगों को संक्रमित कर रही है। संकट की इस घड़ी में कोरोना से प्रभावित लोगों को राहत देने के साथ व्यवस्था को भी गति देना बेहद जरूरी है। बैठक में उन्होंने कोरोना राहत के सिलसिले में कार्य योजनाओं की रूपरेखा और प्राथमिकताएं क्या होनी चाहिए, विभागों द्वारा इस बाबत क्या ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है, इसकी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह हम सभी के लिए चुनौती का समय है। ऐसे हालात में नयी योजना अथवा नीतियां बनाने की जहां जरूरत है, वहीं पुरानी नीतियों में भी बदलाव लाना होगा। इतना ही नहीं, कोई भी नीति अथवा योजना बनायें, तो उसके दूरगामी परिणाम का भी जरूर ध्यान रखें।
कोराना सिर्फ महामारी नहीं है, भावनात्मक और आर्थिक चोट भी दे रहा : मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना सिर्फ महामारी के रूप में सामने नहीं आया है। इसके संक्रमण से लगभग हर तबका प्रभावित है। कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यह लोगों को भावनात्मक और आर्थिक चोट भी दे रहा है। प्रभावित लोगों को इससे कैसे उबारा जाये, इस पर सरकार का विशेष जोर है।
संक्रमितों की प्रोफाइलिंग करने को कहा : मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। शहरों में तो काफी हद तक इसकी जानकारी सरकार को मिल जाती है, लेकिन गांवों में संक्रमितों का आंकड़ा नहीं मिल रहा है। इससे वहां अधिक खतरा है। इसलिए ग्रामीण इलाकों में संक्रमित लोगों और कोरोना से जान गंवाने वालों की प्रोफाइल तैयार की जाये।
मुख्यमंत्री सेल का हो रहा गठन, सुझाव मांगा : मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 को लेकर मुख्यमंत्री सेल का गठन किया जा रहा है। अधिकारी इसके लिए सुझाव दें, क्योंकि सभी के सामूहिक प्रयास और सहभागिता से ही कोरोना से जंग लड़ी जा सकती है। सुझावों के आधार पर सरकार आगे की रणनीति तैयार करेगी।
ये रहे उपस्थित : इस मौके पर मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से मुख्य सचिव सुखदेव सिंह और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का के अलावा वर्चुअल माध्यम से विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/ सचिव मौजूद थे।
योजनाओं का लाभ तत्काल मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभुकों को हर हाल में मिलना चाहिए। इसमें कोताही या देरी नहीं हो। उन्होंने दिव्यांगों दी जाने वाली पेंशन तत्काल जारी करने का निर्देश दिया। इसके साथ केंद्र सरकार की योजनाओं का कैसे ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो, इसे लेकर प्राथमिकताएं भी तय करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण और संक्रमण से अलग हटकर योजनाओं को तैयार करने तथा उनके क्रियान्वयन को लेकर भी तेजी के साथ कदम उठाने की जरूरत है।
क्वारेंटाइन सेंटर बनाने की कवायद शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज के जन प्रतिनिधियों ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर पंचायतों में क्वारेंटाइन सेंटर को फिर से शुरू करने का सुझाव दिया था। इसे क्रियान्वित करने के लिए सरकार ने पहल शुरू कर दी है। उन्होंने क्वारेंटाइन सेंटर में रहने वालों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को पूरी तैयारी समय पर कर लेने का निर्देश दिया।
चिकित्सा सहायता योजना को पुनरीक्षित करें
मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रधानों से राज्य सरकार की चिकित्सा सहायता योजना को कोविड-19 के हिसाब से पुनरीक्षित करने को कहा, ताकि कोरोना संक्रमितों को भी इसका लाभ मिल सके। मालूम हो कि इस योजना के दायरे में कोरोना महामारी नहीं आती है। इसके अलावा कोरोना से मृत लोगों के आश्रित को पारिवारिक लाभ योजना से जोड़े जाने की योजना सरकार तैयार कर रही है। इसके तहत उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से पेंशन, आवास अथवा अन्य सुविधाएं मुहैया करायी जायेंगी।