नई दिल्ली। उद्योगपति एवं रिलायंस समूह के चेयरमैन 66 वर्षीय अनिल अंबानी कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के समक्ष पेश हुए। अनिल अंबानी सुबह करीब साढ़े 10 बजे मध्य दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे। इडी ने उन्हें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत एक जांच के सिलसिले में नई दिल्ली स्थित अपने हेडक्वार्टर में आज पेश होने के लिए बुलाया था। इससे पहले उनसे अगस्त, 2025 में पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि अनिल अंबानी का बयान धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दर्ज किया जाएगा। यह जांच उनकी समूह कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) में कथित रूप से 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।

अंबानी और उनके समूह की विभिन्न कंपनियों पर ऋण धोखाधड़ी के आरोप हैं। इडी ने हाल ही में इन सभी मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद किया गया। इडी ने शीर्ष अदालत को जानकारी दी है कि उसने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के खिलाफ बैंक ऋण धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए धनशोधन के तीन मामले दर्ज किए हैं।

इससे एक दिन पहले इडी ने बुधवार को धनशोधन रोधी कानून के तहत अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘एबोड’ को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये बताई गई है।

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