नई फसल के लिए प्रभु यीशु का किया स्मरण, पूर्वजों के योगदान को भी किया याद
।।रवि कुमार गुप्ता बरवाडीह प्रतिनिधि।।
बरवाडीह। प्रखंड मुख्यालय स्थित कैथोलिक चर्च में रविवार को ईसाई समुदाय का पारंपरिक नवाखानी पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। पल्ली पुरोहित फादर राजेश बारला के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रभु यीशु का स्मरण कर अच्छी फसल के लिए ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त किया गया और पूर्वजों के योगदान को याद किया गया।
पारंपरिक परिधानों में पहुंचे श्रद्धालु
नवाखानी पर्व की शुरुआत चर्च परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुई। इस अवसर पर पारंपरिक परिधानों में सजे महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद चर्च के सभागार में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु की आराधना करते हुए अच्छी पैदावार और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

पहली उपज ईश्वर को समर्पित करने की परंपरा
मौके पर फादर राजेश बारला ने कहा कि नवाखानी पर्व नई फसल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। इस दिन विश्वासी अपनी पहली उपज का एक हिस्सा ईश्वर के नाम पर समर्पित करते हैं। यह परंपरा प्रकृति, खेती और ईश्वर के प्रति आभार की भावना को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि नवाखानी पर्व पूर्वजों को याद करने और उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी अवसर है। पूर्वजों के परिश्रम से खेत तैयार हुए और खेती की परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। इसलिए नई फसल के साथ उनके योगदान को याद करना भी इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अनाज अर्पित कर की गई प्रभु की आराधना
पर्व के अवसर पर श्रद्धालु टोकरियों में अनाज लेकर चर्च पहुंचे और नई उपज को ईश्वर को समर्पित किया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में चूड़ा वितरित किया गया। युवतियों के समूह ने भक्तिमय गीतों, प्रार्थनाओं और नृत्य के माध्यम से प्रभु की आराधना की। कार्यक्रम में परम प्रसाद का भी वितरण किया गया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
नवाखानी पर्व के आयोजन में समव्ययूल बारला, सुनीता टोप्पो, निर्मल ओड़िया, प्रीति रोचना और कुमुदनी करकेटा सहित ईसाई समुदाय के अनेक लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, उत्साह और सामुदायिक एकजुटता का माहौल बना रहा।

