-मंगरा और छेछा पंचायत में बालू उठाव के दौरान अतिरिक्त वसूली का आरोप, जिला खनन पदाधिकारी ने कहा- गड़बड़ी पर होगी अविलंब कार्रवाई
बरवाडीह:- बरवाडीह प्रखंड की मंगरा और छेछा पंचायत में बालू उठाव के दौरान चालान के नाम पर कथित रूप से दोगुनी राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ट्रैक्टर चालकों को 100 रुपये का चालान दिया जा रहा है, जबकि उनसे 200 रुपये लिए जा रहे हैं। रसीद पर दर्ज राशि और वास्तविक वसूली में अंतर ने बालू घाटों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।वाहन चालकों के बीच चर्चा है कि आखिर रसीद में दर्ज 100 रुपये के अतिरिक्त वसूले जा रहे 100 रुपये किस मद में जमा हो रहे हैं? यदि अतिरिक्त राशि किसी निर्धारित शुल्क के रूप में ली जा रही है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख रसीद पर क्यों नहीं है? वहीं, यदि इसका कोई आधिकारिक प्रावधान नहीं है, तो वसूली किसके निर्देश पर हो रही है?इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी नदीम सफी ने दुरभाष पर बताया कि पंचायत स्तर पर समिति गठित की गई है और पंचायत सेवक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि इस तरह की गड़बड़ी हो रही है, तो अविलंब कार्रवाई की जाएगी।अब सवाल है कि पंचायत स्तर पर गठित समिति की निगरानी के बावजूद यदि अतिरिक्त वसूली हो रही है, तो इसकी जवाबदेही किसकी है? स्थानीय लोगों ने दोनों पंचायतों के बालू घाटों की जांच, चालान और वास्तविक वसूली का मिलान कराने तथा अनियमितता की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
जिला परिषद का बयान:
जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कहा कि बालू घाटों पर चालान के नाम पर निर्धारित राशि से अधिक वसूली की शिकायत गंभीर मामला है। प्रशासन को इसकी तत्काल जांच करानी चाहिए। यदि 100 रुपये की रसीद देकर 200 रुपये वसूले जा रहे हैं, तो यह पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों और वाहन चालकों का आर्थिक शोषण बंद हो।

