नई दिल्ली: 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी का फोकस युवा मतदाताओं, खासकर Gen-Z, के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने के साथ बूथ स्तर तक संगठन को और प्रभावी बनाने पर है। पार्टी नेतृत्व की हालिया बैठकों में जमीनी संपर्क बढ़ाने और युवाओं के साथ सीधे संवाद की रणनीति पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई राष्ट्रीय टीम के साथ चर्चा में युवाओं तक पहुंच बढ़ाने और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया है। भाजपा इन विधानसभा चुनावों को 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मान रही है।
सात राज्यों के चुनाव पर BJP की नजर
2027 में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें कई राज्यों में भाजपा सत्ता में है, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है।
पार्टी की रणनीति मौजूदा सत्ता वाले राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने और दूसरे राज्यों में संगठन का विस्तार करने की है।
Gen-Z को जोड़ने के लिए विशेष अभियान
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा 14 से 25 वर्ष के युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए Gen-Z कनेक्ट अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विशेष टीम बनाई गई है और विनोद तावड़े को इसमें समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
इस अभियान के तहत सांसद और विधायक कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा कोचिंग संस्थानों में युवाओं से अनौपचारिक संवाद करेंगे। बातचीत की शुरुआत परीक्षा, करियर और रोजगार जैसे मुद्दों से करने की योजना है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगा संवाद
युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए पार्टी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दोतरफा संवाद बढ़ाएगी। राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज और युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने वाली रील जैसे कार्यक्रम भी इस रणनीति में शामिल किए जा रहे हैं।
पार्टी का मकसद युवाओं को केवल राजनीतिक संवाद से जोड़ना नहीं, बल्कि सामाजिक और सेवा गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की तैयारी
भाजपा का दूसरा बड़ा फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का है। उत्तर प्रदेश में ‘कनेक्ट विद बीजेपी’, बूथ सम्मेलन और किसान चौपाल जैसे कार्यक्रमों के जरिए जनसंपर्क बढ़ाने की कवायद चल रही है।
पंजाब में पार्टी सभी विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश और पंजाब की चुनिंदा सीटों पर माइक्रो प्लानिंग भी की जा रही है।
पन्ना प्रमुख से ‘एक सीट, एक प्रभारी’ तक
पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पन्ना प्रमुख व्यवस्था, छोटी बैठकों और लगातार जनसंपर्क पर जोर दे रही है।
उत्तराखंड में करीबी सीटों पर ‘एक सीट, एक प्रभारी’ व्यवस्था लागू किए जाने की बात कही गई है। वहीं, पश्चिम बंगाल में अपनाए गए संगठनात्मक मॉडल को दूसरे राज्यों में विस्तार देने की तैयारी है।
17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान
भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी अभियान 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा।
पार्टी इस दौरान युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ने और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर देगी।
महिलाओं और गरीब वर्ग तक योजनाओं की पहुंच पर जोर
भाजपा संगठन की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंच बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही युवा, किसान और गरीब वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की कोशिश भी की जाएगी।
‘वंदे मातरम्’ के जरिए युवाओं से जुड़ने की कोशिश
भाजपा ने युवाओं को सेवा कार्यों में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने की योजना बनाई है। पार्टी की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के पूरे पदों को युवाओं तक पहुंचाने का भी संकल्प लिया गया है।
कुल मिलाकर भाजपा की 2027 की रणनीति में Gen-Z कनेक्ट, बूथ मैनेजमेंट, माइक्रो प्लानिंग, सदस्यता विस्तार और सामाजिक समीकरण प्रमुख बिंदु हैं। पार्टी का लक्ष्य मौजूदा सत्ता वाले राज्यों को बचाने के साथ उन राज्यों में संगठन की मौजूदगी बढ़ाना है, जहां उसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम है।
मुख्य पॉइंटर्स
- 2027 विधानसभा चुनावों के लिए BJP ने तैयारियां तेज कीं।
- Gen-Z यानी 14 से 25 वर्ष के युवाओं पर विशेष फोकस।
- कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थानों में संवाद कार्यक्रमों की तैयारी।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म पर युवाओं के साथ दोतरफा संवाद बढ़ाने की योजना।
- उत्तर प्रदेश और पंजाब की चुनिंदा सीटों पर माइक्रो प्लानिंग।
- बूथ सम्मेलन, किसान चौपाल और पन्ना प्रमुख व्यवस्था पर जोर।
- उत्तराखंड में ‘एक सीट, एक प्रभारी’ मॉडल पर फोकस।
- 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान प्रस्तावित।
- महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की रणनीति।
- संगठन को नीचे से ऊपर तक मजबूत कर 2029 लोकसभा चुनाव के लिए आधार तैयार करने की कवायद।
