रांची: झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल शुक्रवार को रांची पहुंच गए। वह 24 और 25 अक्टूबर को राजधानी में आयोजित होने वाली भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति तैयार करने और गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
दो दिनों तक चलेगी भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक
भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 24 और 25 अक्टूबर को रांची में आयोजित की जाएगी। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ नेता, पार्टी पदाधिकारी और कार्यसमिति के सदस्य शामिल होंगे।
बैठक के दौरान पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा के साथ आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके अलावा राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की भावी रणनीति पर भी विचार-विमर्श होगा।
गिरिडीह उपचुनाव की रणनीति पर भी होगा मंथन
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी चर्चा प्रस्तावित है। पार्टी इस चुनाव के लिए अपनी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर विचार कर सकती है।
इसके साथ ही झारखंड में पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं की भूमिका को प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर भी मंथन होने की संभावना है। बैठक में राज्य की राजनीतिक स्थिति से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए जा सकते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी पहुंचेंगे रांची
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी 23 अक्टूबर की शाम रांची पहुंचने वाले हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद झारखंड का यह उनका दूसरा दौरा है। वह 24 अक्टूबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।
उनके दौरे को लेकर प्रदेश भाजपा कार्यालय में तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
जनवरी 2023 के बाद हो रही प्रदेश कार्यसमिति की बैठक
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की पिछली बैठक जनवरी 2023 में देवघर में आयोजित हुई थी। इसके बाद अब रांची में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होने जा रही है।
पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टिकोण से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में होने वाली चर्चा और पारित प्रस्तावों से झारखंड भाजपा की आगामी गतिविधियों की दिशा स्पष्ट हो सकती है।



