चतरा: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सुरक्षा एजेंसियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) के शीर्ष कमांडर बृजेश गंझू का शव सोमवार को उसके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित उसके घर के आसपास जुटने लगे। अंतिम दर्शन के लिए आसपास के इलाकों से भी लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
बृजेश गंझू के अंतिम संस्कार को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
गांव और श्मशानघाट के आसपास पुलिस की तैनाती
प्रशासन की ओर से गांव के प्रमुख रास्तों, चौराहों और श्मशानघाट के आसपास पुलिस तथा पैरामिलिट्री बल के जवानों को तैनात किया गया है। इलाके में आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बृजेश गंझू पर चतरा में दर्ज थे 43 मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बृजेश गंझू लंबे समय से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी से जुड़ा हुआ था और संगठन के शीर्ष कमांडरों में शामिल बताया जाता था। उसके खिलाफ चतरा जिले के अलग-अलग थानों में हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली और हिंसा समेत उग्रवाद से जुड़े 43 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं और उसकी तलाश कर रही थीं।
वाराणसी में यूपी एसटीएफ की कार्रवाई में मारा गया था
जानकारी के मुताबिक, रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने वाराणसी में अभियान चलाया था। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में टीएसपीसी कमांडर बृजेश गंझू के मारे जाने की जानकारी सामने आई।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार को शव को चतरा स्थित उसके पैतृक गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।
फिलहाल गांव में पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है।

