नई दिल्ली: आगामी BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने जमीन से लेकर साइबर स्पेस तक निगरानी बढ़ा दी है।
चार स्तरों में तैयार किया गया सुरक्षा चक्र
सम्मेलन की सुरक्षा को मुख्य रूप से चार स्तरों में बांटा गया है। दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
- एयरपोर्ट से लेकर होटल और भारत मंडपम तक प्रमुख मार्गों पर निगरानी।
- संवेदनशील स्थानों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों से नजर।
- केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने की व्यवस्था।
- आपात स्थिति के लिए QRT और SWAT कमांडो को तैयार रखा जाएगा।
विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले स्थानों पर विशेष निगरानी
विदेशी मेहमानों के लिए द ओबेरॉय, आईटीसी मौर्या, ताज पैलेस और द लीला पैलेस जैसे प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों से भारत मंडपम तक जाने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
खुफिया एजेंसियों की निगरानी और रियल-टाइम डेटा
आयोजन स्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ खुफिया एजेंसियां भी लगातार निगरानी करेंगी। मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के जरिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
वहीं, NATGRID के माध्यम से संबंधित एजेंसियों को आवश्यक डेटा तक सुरक्षित पहुंच उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
साइबर सुरक्षा पर भी विशेष फोकस
BRICS सम्मेलन के दौरान साइबर हमले, डिजिटल जासूसी और तकनीक के दुरुपयोग की आशंकाओं को देखते हुए डिजिटल सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है।
- गृह मंत्रालय के अंतर्गत Cyber Multi Agency Centre (CyMAC) के जरिए 24×7 निगरानी।
- संभावित साइबर खतरों की पहचान और तत्काल प्रतिक्रिया की व्यवस्था।
- डिजिटल नेटवर्क और महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान।
VVIP मूवमेंट के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और VVIP मेहमानों की आवाजाही के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बैठकें जारी हैं।
कार्ययोजना में डायवर्जन प्लान, मेडिकल रिस्पॉन्स टीम, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और बैकअप बिजली आपूर्ति जैसे प्रबंध शामिल हैं।
विदेशी सुरक्षा टीमों के साथ समन्वय
विदेश से आने वाले राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनके अपने सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियां विदेशी सुरक्षा टीमों के साथ समन्वय कर रही हैं।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए QRT और SWAT टीमों को स्टैंडबाय पर रखने की तैयारी है।
खुफिया इनपुट के बाद दिल्ली-एनसीआर में सतर्कता
सम्मेलन से पहले दिल्ली के बाहरी इलाकों में संभावित अशांति या धमाके की साजिश से जुड़ा खुफिया इनपुट मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े लोगों की गतिविधियों को लेकर आशंका जताई गई है।
इस इनपुट के बाद दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर निगरानी और चेकिंग बढ़ाने की बात कही गई है। हालांकि, इस कथित साजिश से जुड़े इनपुट की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य फोकस विदेशी मेहमानों की सुरक्षित आवाजाही, आयोजन स्थल की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और साइबर खतरों से निपटने पर है। जमीनी और डिजिटल दोनों स्तरों पर तैयार किए जा रहे इस सुरक्षा तंत्र का उद्देश्य सम्मेलन को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराना है।
