नई दिल्ली। लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने पर हुए हंगामे के चलते कांग्रेस के 7 सहित कुल 8 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र से निलंबित किए जाने के खिलाफ पार्टी सांसदों ने संसद भवन के बाहर मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हुए। कांग्रेस ने अपने सांसदों के निलंबन को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कड़े शब्दों में इसकी आलोचना की है।

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में बोलने से रोका गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भारी दबाव है और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर उन्हीं कारणों से किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पांचवें दिन लोकसभा की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से भारत-चीन विवाद पर बोलने की कोशिश की लेकिन स्पीकर ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने टेबल पर चढ़ कर पेपर फाड़े और स्पीकर की ओर उछाले। हंगामे के चलते कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पेपर फाड़ने और उछालने की घटना में कांग्रेस के 7 सांसदों सहित कुल 8 विपक्षी सांसदों को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। इन सांसदों में कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिक्कम टैगोर, हिबी ईडन, प्रशांत पडोले, किरण रेड्डी और जिन कुरियोकोज के साथ तमिलनाडु से सीपीएम सांसद के एस वेंकटेश्वरन शामिल हैं।

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