रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दिवंगत बड़े भाई और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता रहे दुर्गा सोरेन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अपने बड़े भाई को याद किया और उनके संघर्ष, विचारों और झारखंड के प्रति समर्पण को नमन किया।
हेमंत सोरेन ने दुर्गा सोरेन को अपना बड़ा भाई, अभिभावक और मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वे झारखंड आंदोलन के अग्रणी योद्धाओं में शामिल थे। उन्होंने दुर्गा सोरेन को झारखंड मुक्ति मोर्चा का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड, झारखंडी पहचान और यहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया।
हेमंत सोरेन ने बड़े भाई को किया याद
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि दुर्गा सोरेन उनके लिए सिर्फ बड़े भाई नहीं, बल्कि अभिभावक और मार्गदर्शक भी थे। उन्होंने झारखंड आंदोलन में दुर्गा सोरेन की भूमिका को याद करते हुए कहा कि उन्होंने झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया।
हेमंत सोरेन के मुताबिक, दुर्गा सोरेन ने अपना जीवन झारखंडी पहचान और राज्य के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया था।
JMM के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल थे दुर्गा सोरेन
दुर्गा सोरेन का जन्म 10 सितंबर 1970 को हुआ था। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े रहे और सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1995 से 2000 तक वे बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। झारखंड गठन के बाद उन्होंने वर्ष 2000 से 2005 तक जामा विधानसभा क्षेत्र का झारखंड विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया।
झारखंड आंदोलन अलग राज्य की मांग को लेकर लंबे सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा रहा है। इस आंदोलन में झारखंड मुक्ति मोर्चा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लंबे संघर्ष के बाद 15 नवंबर 2000 को झारखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
2009 में हुआ था दुर्गा सोरेन का निधन
दुर्गा सोरेन का निधन 21 मई 2009 को हुआ था। उनके निधन के बाद भी झारखंड की राजनीति और झारखंड मुक्ति मोर्चा में उनके योगदान और संघर्ष को याद किया जाता रहा है।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में हेमंत सोरेन ने अपने दिवंगत बड़े भाई को श्रद्धांजलि देते हुए “दुर्गा सोरेन अमर रहें” और “जय झारखंड” का संदेश लिखा।



