गुवाहाटी। असम में बाढ़ से पैदा हुए हालात के बीच राज्य सरकार ने अब नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट समेत कई जिलों में बाढ़ के कारण जनजीवन अभी भी प्रभावित है। बड़ी संख्या में लोग सामान्य स्थिति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 9 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक, धनसिरि नदी नुमलीगढ़ और गोलाघाट में तथा कुसियारा नदी श्रीभूमि में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार को गोलाघाट और कार्बी आंगलोंग जिले से एक-एक शव बरामद किया गया। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है।

फिलहाल राज्य के 10 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें गोलाघाट, शिवसागर, होजाई, दरंग, लखीमपुर, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, चराईदेव, नगांव और बिश्वनाथ शामिल हैं। इन जिलों के 28 राजस्व मंडलों के 456 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 1,37,290 लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 11,933.46 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।

प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने 52 राहत शिविर और 73 राहत वितरण केंद्र संचालित रखे हैं। इस तरह कुल 125 राहत केंद्रों के माध्यम से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। राहत शिविरों में करीब 8,000 लोगों ने शरण ले रखी है, जबकि राहत वितरण केंद्रों के जरिए 41,061 ऐसे लोगों को भी सहायता दी जा रही है जो शिविरों में नहीं रह रहे हैं।

बचाव और राहत अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, अर्धसैनिक बल, वायुसेना, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, डीडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की टीमें लगी हुई हैं। बाढ़ के कारण राज्य में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी के साथ-साथ नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version