वाशिंगटन: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से इजरायल जा रही Flydubai की उड़ान में बुधवार को हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये ने सबको हैरान कर दिया है। हाईजैक की खबरें, सह-पायलट के हमले और संभावित क्रैश की कोशिश के बीच भारतीय पायलट स्मित मछार ने अपनी जान पर खेलकर सूझबूझ से सबकी जान बचाई। पीएम नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारतीय पायलट स्मित मछार को हीरो बताया है और उनकी बहादुरी की जमकर सराहना की है।
ट्रंप और नेतन्याहू की लंबी बातचीत
अपने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस पूरी घटना को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लंबी बातचीत की है। ट्रंप ने बताया कि यह घटना दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के दौरान हुई, जिसे बाद में सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया गया था। विमान में कथित तौर पर सह-पायलट ने मुख्य पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था।
ट्रंप के मुताबिक, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उन्हें फोन पर बताया कि सह-पायलट शायद आतंकी या कोई सिरफिरा था, जिसने अचानक पायलट पर चाकू से वार कर दिया।
ट्रंप ने भारतीय पायलट को बताया असली हीरो
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट स्मित मछार ने गजब की हिम्मत दिखाई। ट्रंप ने उनके बारे में कहा कि पायलट की हालत बहुत खराब थी, शायद अब भी है, लेकिन उन्होंने अद्भुत समझदारी दिखाई और एक तरह से वे असली हीरो साबित हुए। घायल होने के बाद भी पायलट ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, बाहर की तरफ गिरे और मदद के लिए चिल्लाए, जिससे समय रहते लोगों को खतरे का पता चल गया।
इजरायली यात्री की सूझबूझ पर भी बोले ट्रंप
दूसरी ओर ट्रंप ने इस घटना में एक इजरायली यात्री, जो पेशे से प्लंबर है, के साहसी हस्तक्षेप का भी जिक्र किया। नेतन्याहू के हवाले से ट्रंप ने बताया कि उस प्लंबर ने कॉकपिट में घुसकर सह-पायलट को उसकी सीट से खींचा और पीछे धकेल दिया, जिसके बाद अन्य यात्रियों ने मिलकर उसे काबू में कर लिया।
दिलचस्प बात यह है कि उस यात्री ने बाद में बताया कि उसने विमान उड़ाने के बुनियादी तरीके टीवी शो ‘एयर डिजास्टर्स’ को देखकर सीखे थे। इसके बाद, विमान के पिछले हिस्से में बैठे अन्य पायलटों और सुरक्षाकर्मियों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति को संभाला और विमान को सुरक्षित नीचे उतारा।
‘यह अपने आप में बड़ी बात’
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी जानकारी उन्हें प्रधानमंत्री नेतन्याहू और अन्य शुरुआती सूत्रों से मिली है, और वह इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह अब तक की सबसे हैरान कर देने वाली और साहसिक कहानियों में से एक है।
क्या थी पूरी घटना?
यह घटना बुधवार, 30 सितंबर 2026 को Flydubai फ्लाइट FZ1073 में हुई, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 170 से ज्यादा यात्री सवार थे। जब विमान उड़ान भर रहा था, तभी ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
इस हमले में कैप्टन मछार गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका खून बहने लगा। विमान लगभग 17,400 फीट की ऊंचाई से अचानक नीचे गिरने लगा। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान दो मिनट से भी कम समय में 17,400 फीट नीचे गिर गया।
घायल कैप्टन मछार ने हिम्मत दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
कैप्टन स्मित मछार की हालत
कैप्टन स्मित मछार का इलाज सऊदी अरब के ताबुक के एक अस्पताल में चल रहा है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और परिवार के संपर्क में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें भारी मात्रा में खून की कमी हुई थी और वे गंभीर रूप से घायल थे।
कौन हैं कैप्टन स्मित मछार?
कैप्टन स्मित मछार मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं और 39 वर्ष के हैं। वे दो बच्चों के पिता हैं। उनके पास 13 साल से ज्यादा का कमर्शियल फ्लाइंग अनुभव है और उन्होंने बोइंग 737 विमान पर 9,750 से ज्यादा घंटे उड़ान भरी है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत स्पाइसजेट से की थी, जहां उन्होंने लगभग 11 साल तक काम किया और सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन जैसे अहम पदों पर रहे। जून 2022 में वे डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के तौर पर Flydubai से जुड़े।
पीएम मोदी और नेतन्याहू ने भी की तारीफ
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा, “कैप्टन स्मित मछार एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस और दूसरों की जान बचाने का अटूट संकल्प दिखाया”।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मछार को “सच्चा हीरो” बताया और कहा कि उनकी कार्रवाई ने 9/11 जैसी बड़ी तबाही को रोक लिया।



