रांची: झारखंड के हजारों सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा और इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने शुक्रवार को सफल अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय से करीब 2,300 चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है।
दरअसल, राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2026 को सीआईडी जांच रिपोर्ट और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को आधार बनाते हुए JSSC-CGL परीक्षा और इसके माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने की अधिसूचना जारी की थी। सरकार के इस फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को दी थी चुनौती
सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए आकाश गौरव समेत अन्य सफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने अदालत में दलील दी थी कि कुछ अभ्यर्थियों की कथित गड़बड़ियों के आधार पर पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करना उचित नहीं है।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यदि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा में अनियमितता में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इसकी सजा उन सभी चयनित अभ्यर्थियों को नहीं दी जा सकती, जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है।
अधूरी जांच के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द करना उचित नहीं
अदालत ने अपने फैसले में पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के सरकार के निर्णय को उचित नहीं माना। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने कहा कि अधूरी जांच के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया को समाप्त करना न्यायसंगत नहीं है। सरकार की ओर से पूरी चयन प्रक्रिया में व्यापक अनियमितता साबित करने के लिए पर्याप्त ठोस साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
अदालत ने यह भी माना कि अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना इतनी बड़ी कार्रवाई करना उचित नहीं था।
चयनित अभ्यर्थियों की सेवा और लाभ सुरक्षित
हाईकोर्ट के फैसले से विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है। अदालत ने उनकी सेवा को बिना किसी रुकावट के निरंतर मानने और सरकारी आदेश के कारण किसी भी मौद्रिक या सेवा संबंधी लाभ से वंचित नहीं करने का निर्देश दिया है।
कथित गड़बड़ियों की जांच रहेगी जारी
इस फैसले के बावजूद JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की जांच समाप्त नहीं होगी। जांच एजेंसियां मामले में संदिग्ध अभ्यर्थियों और अन्य आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रख सकेंगी।
हाईकोर्ट के इस फैसले से लंबे समय से असमंजस में चल रहे चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है। वहीं, भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच जारी रहने से दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता भी खुला रहेगा।

