रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित गड़बड़ी के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर CID ने हजारीबाग जिले के रहने वाले दो अभ्यर्थियों दीपक राणा और ओमप्रकाश राणा को गिरफ्तार किया है। दोनों पर प्रारंभिक परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए लाभ लेकर सफल होने का आरोप है।
अनुचित साधनों से परीक्षा पास करने का आरोप
CID की जांच के अनुसार, दोनों आरोपितों ने 14वीं JPSC PT परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों और साठगांठ का सहारा लेकर सफलता हासिल की थी। जांच एजेंसी को शुरुआती तफ्तीश के दौरान दोनों की भूमिका से जुड़े ठोस सुराग मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
इस मामले में CID पहले से ही परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान अभ्यर्थियों की OMR शीट, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
15.90 लाख रुपये के लेन-देन का भी सुराग
जांच के दौरान CID को 14वीं JPSC PT परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े 15.90 लाख रुपये के लेन-देन का भी सुराग मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, रकम UPI और RTGS के जरिए ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा OMR शीट में उत्तरों के अंतर और WhatsApp चैट की भी जांच की जा रही है।
नेटवर्क की पड़ताल में जुटी CID
दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद CID अब कथित गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने की व्यवस्था में कौन-कौन लोग शामिल थे और अभ्यर्थियों तक इसकी पहुंच कैसे हुई।
इससे पहले भी CID इस मामले में कई अभ्यर्थियों और कथित बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। जांच के दौरान रांची, हजारीबाग, पलामू, बोकारो और गिरिडीह समेत कई जिलों में संदिग्धों की तलाश और छापेमारी की गई थी।
CID ने 14वीं JPSC PT में सफल अभ्यर्थियों से OMR शीट की कार्बन कॉपी भी मांगी थी, ताकि परीक्षा में किसी तरह की कथित हेराफेरी या उत्तरों में असामान्य बदलाव की जांच की जा सके।
फिलहाल दोनों आरोपितों से पूछताछ और उनके संपर्कों से जुड़े साक्ष्यों की जांच के आधार पर CID आगे की कार्रवाई कर रही है। मामले में सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

