खूंटी। खूंटी जिले के आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले और चोरी की वारदात का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस सिलसिले में पुलिस ने तीन नाबालिग पूर्व छात्रों को हिरासत में लेते हुए बाल सुधार गृह भेज दिया है। खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरी कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि ये सभी किशोर चोरी की नीयत से स्कूल परिसर में घुसे थे, लेकिन वहां फादर की मौजूदगी के चलते उन्होंने इस हिंसक घटना को अंजाम दिया। ज्ञात हो कि गत 20 अक्टूबर की रात अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर फादर बेनेडिक्ट बारला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के संबंध में 21 अक्टूबर को खूंटी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों की पहचान की।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर प्रधानाचार्य के कार्यालय से चुराई गई 85,747 रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन और एक होम थिएटर समेत कई अन्य सामान बरामद किए हैं। इसके अलावा, वारदात के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार जैसे खुखरी चाकू, पेचकस और घटना के वक्त पहने गए कपड़े भी जब्त कर लिए गए हैं। पकड़े गए तीनों बालकों की उम्र 13, 14 और 15 वर्ष है, जिन्हें पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया है।



