भाकपा माओवादी संगठन को पुनर्जीवित करने के मामले में एनआईए कर रही पूछताछ
रांची : भाकपा माओवादी संगठन को पुनर्जीवित करने के मामले में एनआईए चार बड़े नक्सलियों से पूछताछ कर रही है. इनमें भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रमोद मिश्रा, अनिल यादव, प्रमोद यादव और रोहित राय शामिल हैं. एनआईए जांच से संकेत मिले हैं कि कई फ्रंटल संगठनों और छात्र विंगों को भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे से कैडरों को प्रेरित करने, भर्ती करने और माओवादी की विचारधारा का प्रचार करने का काम सौंपा गया था. वे इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आतंक और हिंसा की साजिश रच रहे थे. जांच से यह भी पता चला है कि प्रमोद मिश्रा भाकपा माओवादी संगठन को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में माओवादी के कैडरों और समर्थकों, ओवर ग्राउंड वर्कर्स का नेतृत्व कर रहे थे.
झारखंड-बिहार बॉर्डर पर माओवादियों को कर रहा था मजबूत
प्रमोद मिश्रा मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र के कासमा गांव का रहने वाला है. उसका लंबे समय तक सारंडा कार्यक्षेत्र रहा. गिरफ्तारी से पहले वह झारखंड-बिहार सीमा पर छकरबंधा में माओवादियों को मजबूत करने में जुटा था. प्रमोद मिश्रा को नक्सली संगठन में वर्ष 2004 में केंद्रीय समिति सदस्य के रूप में शामिल किया गया था. वर्ष 2007 में पोलित ब्यूरो सदस्य बनाया गया था. वह 11 मई, 2008 को धनबाद जिला के विनोद नगर से गिरफ्तार हुआ था. उसे न्यायालय ने सबूत के अभाव में वर्ष 2017 में रिहा कर दिया था. इसके बाद से ही वह क्षेत्र में फिर सक्रिय हो गया था. उस पर पुलिस पर हमले व कई नरसंहार का मास्टरमाइंड माना जाता है.
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