नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए ग्लोबल मार्केट से आज अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान दिखी कमजोरी का असर अब एशियाई बाजारों पर साफ नजर आ रहा है। जापान से लेकर दक्षिण कोरिया तक के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय बाजार के लिए राहत की बात यह है कि गिफ्ट निफ्टी फिलहाल हरे निशान में बना हुआ है।
अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का दबाव वॉल स्ट्रीट पर पिछले सत्र के दौरान निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। टेक-हैवी नैस्डेक (Nasdaq) करीब 0.95 प्रतिशत यानी 225 अंक टूटकर 23,459.91 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एस एंड पी 500 (S&P 500) में भी 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा चिंता डाउ जोन्स फ्यूचर्स (Dow Jones Futures) को लेकर है, जो फिलहाल करीब 396 अंक यानी 0.81 प्रतिशत लुढ़क कर कारोबार कर रहा है।
एशियाई बाजारों में ‘ब्लैक मंडे’ जैसी स्थिति एशियाई बाजारों की स्थिति आज काफी नाजुक बनी हुई है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 5.21 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ गोता लगा रहा है। वहीं, जकार्ता कंपोजिट में 5.38 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी जा रही है। जापान का निक्केई (Nikkei) भी 500 अंकों से ज्यादा फिसल चुका है। हैंग सेंग और ताइवान वेटेड इंडेक्स में भी 2 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी जा रही है। एशिया के प्रमुख 9 बाजारों में से 8 में बिकवाली का माहौल है।
यूरोपीय बाजारों से दिखी थी उम्मीद पिछले सत्र में यूरोपीय बाजारों ने मजबूती दिखाई थी। ब्रिटेन का FTSE, फ्रांस का CAC और जर्मनी का DAX इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए थे। लेकिन आज एशियाई बाजारों में जिस तरह की गिरावट आई है, उसने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
गिफ्ट निफ्टी से राहत के संकेत वैश्विक स्तर पर मची इस खलबली के बीच भारतीय बाजार के लिए गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) इकलौता सहारा बना हुआ है। यह 0.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,922 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय घरेलू बाजार इस वैश्विक बिकवाली के दबाव को झेल पाता है या नहीं।

