नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रक्षाबंधन और विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर दोनों अवसरों को लेकर अलग-अलग संदेश साझा किए और रक्षाबंधन के महत्व के साथ संस्कृत की समृद्ध विरासत को भी याद किया।

रक्षाबंधन की शुभकामना देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए। उन्होंने भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर हमेशा मजबूत बने रहने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर भविष्यपुराण के उत्तर पर्व में वर्णित एक सुभाषित भी साझा किया। इसमें रक्षासूत्र के महत्व और उसके प्रभाव का वर्णन किया गया है। श्लोक के माध्यम से रक्षासूत्र को विजय, सुख, संतान, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि से जोड़कर देखा गया है।

संस्कृत की समृद्ध विरासत को किया याद

विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत भाषा की प्राचीन और समृद्ध परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारत के ज्ञान, चिंतन और रचनात्मकता की निरंतर वाहक रही है और आज भी विभिन्न क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।

पीएम मोदी ने भारत समेत दुनिया भर में संस्कृत का अध्ययन और अध्यापन करने वाले लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्कृत में निहित कालजयी ज्ञान और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे सभी लोगों का योगदान महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री के दोनों संदेशों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और ज्ञान की विरासत को आगे बढ़ाने के साथ सामाजिक संबंधों में स्नेह और विश्वास बनाए रखने का संदेश भी देखने को मिला।

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