दंपती की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव जलाने का था आरोप, तीन लाख रुपये का जुर्माना भी
हजारीबाग। इचाक थाना क्षेत्र के बहुचर्चित राहुल कुमार मेहता और उनकी पत्नी पूजा यादव दोहरे हत्याकांड में अदालत ने छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनायी है। दोषियों में राहुल के पिता ईश्वर मेहता और भाई बबलू मेहता भी शामिल हैं। सभी दोषियों पर कुल तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह घटना जून 2024 की है। राहुल कुमार मेहता इचाक में कोचिंग संस्थान चलाते थे, जबकि उनकी पत्नी पूजा यादव भी शिक्षण कार्य से जुड़ी थीं। आरोप था कि दोनों की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को परासी श्मशान घाट पर जला दिया गया था। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान श्मशान घाट से जले हुए अवशेष बरामद हुए थे। पुलिस ने मामले में संपत्ति विवाद को हत्या की वजह मानते हुए विभिन्न पहलुओं की जांच की थी। जांच के क्रम में राहुल के पिता ईश्वर मेहता, भाई बबलू मेहता समेत अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आयी थी। दोहरे हत्याकांड की घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी थी। मामला लंबे समय तक क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। अदालत के फैसले पर पूजा के पिता राम मूरत यादव ने संतोष जताया है। वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।



