रांची: राजधानी रांची के तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में अजंता बॉटलर्स एंड ब्लेंडर्स प्राइवेट लिमिटेड के बाहर से करीब 80 लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब लदा ट्रक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। ट्रक में रॉयल चैलेंज और मैकडॉवेल्स नंबर-1 ब्रांड की कुल 1,100 पेटियां लदी थीं, जिन्हें बोकारो पहुंचाया जाना था। घटना के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में ट्रक के चालक और मालिक की भूमिका को लेकर संदेह जताया जा रहा है।
लोडिंग के बाद गायब हुआ शराब लदा ट्रक
जानकारी के अनुसार, बेलकम इंटरप्राइजेज नामक ट्रांसपोर्ट कंपनी का यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के साथ शराब परिवहन का अनुबंध है। इसी अनुबंध के तहत बोकारो स्थित जेएसबीसीएल के लिए शराब की आपूर्ति की जानी थी।
ऑर्डर के अनुसार, ट्रक संख्या JH01CA-8807 को सुबह करीब 8:30 बजे लोडिंग के लिए फैक्ट्री बुलाया गया था। ट्रक में शराब की सभी 1,100 पेटियां लोड कर दी गईं। हालांकि, विभागीय पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण निर्धारित समय पर ऑनलाइन परमिट जनरेट नहीं हो सका।
कंपनी के प्रतिनिधियों के निर्देश पर ट्रक को फैक्ट्री के ठीक बाहर खड़ा कर दिया गया। शाम करीब 4:45 बजे कंपनी प्रतिनिधि जीत कुमार के परमिट मिलने के बाद जब ट्रक को बोकारो रवाना करने के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचा गया, तो वहां ट्रक गायब मिला।
चालक और ट्रक मालिक पर गहराया संदेह
ट्रांसपोर्ट कंपनी के एग्जीक्यूटिव दीपक कुमार सिंह ने मामले में ट्रक मालिक और चालक नागेंद्र सिंह पर शराब गायब करने की आशंका जताई है।
बताया गया कि जब चालक के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उसका फोन लगातार स्विच ऑफ मिला। चालक के परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि उनसे आखिरी बार 30 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे बात हुई थी। इसके बाद से चालक का कोई पता नहीं चल पाया है।
चालक की पत्नी ने भी दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत
मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। जहां ट्रांसपोर्ट कंपनी ने शराब लदा ट्रक गायब होने की शिकायत दर्ज कराई है, वहीं लापता चालक नागेंद्र सिंह की पत्नी अंबिका देवी (43) ने भी तुपुदाना ओपी में अपने पति के लापता होने की लिखित शिकायत दी है।
अंबिका देवी के अनुसार, 29 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे उनकी अपने पति से आखिरी बार बातचीत हुई थी। उस समय नागेंद्र सिंह ने बताया था कि वह फैक्ट्री के बाहर ट्रक पर शराब लोड करवा रहे हैं और चालान में देरी के कारण उन्हें वहीं रुकना पड़ेगा।
परिजनों के मुताबिक, 30 अक्टूबर से उनका मोबाइल फोन पूरी तरह बंद है। इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।
मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस फिलहाल तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से ट्रक, गायब शराब और लापता चालक की तलाश में जुटी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शराब लदा ट्रक किन परिस्थितियों में गायब हुआ और इस घटना में किन लोगों की संलिप्तता है।

