रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर प्रतीकात्मक रूप से ‘भूत’ का रूप धारण किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इस दौरान उनके इस्तीफे की मांग भी की गई।
कांग्रेस नेता कुमार राजा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर बड़ी संख्या में वैध भारतीय नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी विदेशी या अवैध नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो पार्टी को आपत्ति नहीं है, लेकिन वैध भारतीय नागरिकों के मताधिकार को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई का कांग्रेस विरोध करेगी।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का दावा
प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार और रमा खलखो समेत कई नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने दावा किया कि झारखंड में करीब 29 लाख और देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब और वंचित लोगों के मताधिकार की रक्षा से जुड़ा है।
हालांकि, 13 करोड़ नाम हटाए जाने के दावे को लेकर राजनीतिक विवाद है। भाजपा ने कहा है कि इन मतदाताओं के नाम हटाए नहीं गए हैं, बल्कि SIR के दौरान उन्हें विभिन्न श्रेणियों में चिह्नित किया गया है।
‘कटे वोटरों’ को भूत बनाकर किया प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से कथित तौर पर बाहर किए गए लोगों को प्रतीकात्मक ‘भूत’ के रूप में पेश किया। इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि मतदाता सूची से नाम हटने के बाद संबंधित नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की।
