शाहजहाँपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गांव के पश्चिमी छोर पर स्थित प्राचीन हनुमान/शिव मंदिर परिसर में रहकर सेवा करने वाले दो वृद्ध साधुओं को बेरहमी से मारकर और जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने मंदिर से धुआं उठता देखा तो मौके पर पहुंचे, जहां दोनों के जले शव मिले।
मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास (बड़े दास) के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और देखरेख का काम करते थे। इनमें से एक साधु दिव्यांग बताए जा रहे हैं।
घटना का तरीका और समय
ग्रामीणों और प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, वारदात बुधवार (30 सितंबर) की देर रात करीब 1 बजे की है। आरोप है कि गांव के ही युवक सुमित सिंह मंदिर पहुंचे। उन्होंने दोनों साधुओं के साथ मारपीट की, उन्हें अलग-अलग तख्त (बिस्तर) से बांध दिया और मंदिर परिसर तथा आसपास से लकड़ियां इकट्ठा करके आग लगा दी। आग की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई।
सुबह करीब 7 बजे जब लोग पहुंचे तो एक साधु का शव पूरी तरह जलकर कंकाल बन चुका था, जबकि दूसरे का शव अभी भी जल रहा था। दोनों शव करीब 10 मीटर की दूरी पर मिले।
जमीन विवाद मुख्य वजह?
शुरुआती जांच में मंदिर की देवस्थान जमीन पर अवैध कब्जे या कब्जा करने के विवाद को घटना से जोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सुमित सिंह मंदिर पर कब्जा करना चाहते थे और साधुओं पर मंदिर खाली करने का दबाव बना रहे थे। सुमित सिंह के परिवार और मंदिर में रहने वाले वृद्धों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि आरोपी कुछ समय पहले जेल से बाहर आए थे।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही शाहजहाँपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मुख्य आरोपी सुमित सिंह को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके से सबूत जुटा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना की वास्तविक वजह, तरीके और किसी अन्य की भूमिका जांच के बाद ही सामने आएगी।
यह मामला स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला रहा है। मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर दो निर्दोष वृद्ध सेवादारों की इतनी बेरहमी से हत्या ने ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है।



