रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नोटिस मिलने के बाद अगर किसी मतदाता के पास निर्धारित 13 दस्तावेजों में से जरूरी कागजात नहीं हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे मतदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। वे अपने संबंधित प्रखंड या अंचल कार्यालय में संपर्क कर अधिकारियों की मदद से आवश्यक प्रमाण जुटाकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन के अनुसार, परिवार के पुराने सदस्यों के नाम, माता-पिता और अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराई जा सकती है। इसे अंचल अधिकारी (CO) से प्रमाणित कराने के बाद संबंधित प्रक्रिया में प्रस्तुत किया जा सकता है।

SIR में दस्तावेज नहीं हैं तो ये विकल्प अपनाएं

  • अंचल या प्रखंड कार्यालय से मदद लें: जिन मतदाताओं के पास निर्धारित दस्तावेज नहीं हैं, वे संबंधित कार्यालय में अधिकारियों से सहायता ले सकते हैं।

  • वंशावली बनवाने का विकल्प: परिवार के पुराने सदस्यों, माता-पिता और अन्य पारिवारिक विवरण के आधार पर वंशावली तैयार कराकर CO से प्रमाणित कराई जा सकती है।

  • अन्य प्रमाण पत्र उपयोगी: जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और EWS प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों के जरिए भी अपना पक्ष रखा जा सकता है।

  • ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन: आवश्यक प्रमाण पत्रों के लिए दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

  • तीन महीने तक ऑफलाइन सुविधा: जाति, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाण पत्र बनाने के लिए ऑफलाइन व्यवस्था तीन महीने तक जारी रखने की बात कही गई है।

  • 15 सितंबर तक आपत्ति का मौका: नोटिस पाने वाले मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत 15 सितंबर तक अपना पक्ष और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?

SIR प्रक्रिया के दौरान प्रारंभिक स्तर पर जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस दिया गया है। नोटिस में आधार, दसवीं का प्रमाण पत्र, माता-पिता से संबंधित दस्तावेज, पासपोर्ट समेत निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेजों में से आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा गया है।

मतदाताओं को नोटिस में निर्धारित तारीख और समय पर संबंधित अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना है।

हालांकि, ऐसे कई मतदाता हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, कम पढ़े-लिखे हैं, मजदूरी करते हैं या दूसरे राज्यों से आकर यहां बसे हैं। दस्तावेज जुटाने में परेशानी होने पर ऐसे मतदाता सीधे प्रखंड या अंचल कार्यालय जाकर अधिकारियों से सहायता ले सकते हैं।

10 दिनों में 30 हजार से ज्यादा मतदाताओं की सुनवाई

SIR के तहत 24 अगस्त से प्रखंड और अंचल कार्यालयों में मतदाताओं की सुनवाई चल रही है। 24 अगस्त से 5 सितंबर के बीच 30 हजार से अधिक मतदाताओं की सुनवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।

रोजाना करीब 200 मतदाताओं को सुनवाई के लिए तारीख दी जा रही है, लेकिन इनमें लगभग 70 से 80 मतदाता ही निर्धारित तारीख पर कार्यालय पहुंच रहे हैं।

रांची में 6.44 लाख मतदाताओं को मिला नोटिस

5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद रांची जिले की सात विधानसभा सीटों के करीब 6.44 लाख मतदाताओं को अलग-अलग कारणों से नोटिस जारी किया गया था।

प्रशासन की ओर से दस्तावेजों की कमी वाले मतदाताओं को वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराने का उद्देश्य यह है कि पात्र मतदाता अपना पक्ष रखने से वंचित न रहें। ऐसे मतदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय से संपर्क कर अपनी आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।

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