Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Friday, October 9
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»देश»दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षण संस्थानों के पास बढ़ेगी गश्त, कैब ड्राइवरों का होगा सख्त वेरिफिकेशन
    देश

    दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षण संस्थानों के पास बढ़ेगी गश्त, कैब ड्राइवरों का होगा सख्त वेरिफिकेशन

    shivam kumarBy shivam kumarOctober 9, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ यौन अपराधों की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने, स्कूल-कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास निगरानी मजबूत करने तथा सार्वजनिक परिवहन और ऐप आधारित कैब के ड्राइवरों व सहायकों का सख्त सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि वाहनों में लगे GPS ट्रैकिंग और SOS सिस्टम सही तरीके से काम करें।

    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दिल्ली-NCR में हाल की यौन अपराध की घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए ये निर्देश दिए। अदालत का जोर केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने पर नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिससे अपराधों को पहले ही रोका जा सके।

    स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास बढ़ेगी गश्त

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों के आसपास नियमित और प्रभावी बीट पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सुबह और शाम के समय, जब छात्र-छात्राएं संस्थानों में आते-जाते हैं, उस दौरान पुलिस की मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।

    इस व्यवस्था का उद्देश्य उन स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाना है, जहां छात्राओं और कम उम्र की लड़कियों को असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस को संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां निगरानी और गश्त की व्यवस्था मजबूत करनी होगी।

    कैब और सार्वजनिक परिवहन के ड्राइवरों का होगा सत्यापन

    अदालत ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। बस, ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और ऐप आधारित कैब सेवाओं में काम करने वाले ड्राइवरों तथा सहायकों का सख्त सत्यापन करने को कहा गया है।

    इसमें ओला और उबर जैसी ऐप आधारित कैब सेवाएं भी शामिल हैं। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग परिवहन व्यवस्था का दुरुपयोग करके यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में न डाल सकें।

    इसके साथ ही अधिकारियों को वाहनों में उपलब्ध GPS ट्रैकिंग और आपातकालीन SOS सिस्टम की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।

    अवैध शराब की दुकानों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को बिना जरूरी अनुमति चल रही शराब की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों की पहचान करने को कहा है। ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने और आवश्यक होने पर उन्हें सील करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध रोकने के नाम पर पुलिस मनमानी नहीं कर सकती। पुलिस की कार्रवाई कानून के दायरे में, उचित और जवाबदेह होनी चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा के साथ उनके अधिकारों की रक्षा करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    महिलाओं की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सुनवाई करते हुए संवेदनशील स्थानों की पहचान, CCTV कैमरों की स्थिति की जांच, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा का व्यापक आकलन करने के निर्देश दिए थे।

    अदालत ने पार्कों, सड़कों, बाजारों, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों सहित उन सभी स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी मांगी, जहां महिलाओं और बच्चों की आवाजाही रहती है। अधिकारियों से यह बताने को कहा गया कि सुरक्षा के लिए घोषित उपाय वास्तव में जमीन पर लागू हैं या नहीं।

    16 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से निर्देशों के अनुपालन के संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

    अदालत के निर्देशों के बाद अब दिल्ली-NCR में पुलिस गश्त, सार्वजनिक परिवहन में सत्यापन और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। इन उपायों का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्हें कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।

    स्रोत: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर आधारित रिपोर्टिंग; The New Indian Express और Hindustan Times की 8 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टें।

    Cab Driver Verification CCTV Surveillance Crime Against Women Delhi NCR delhi news Delhi Police india news Public Transport Safety Supreme court Women Safety
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Article200 साल का रहस्य सुलझा: रोहतासगढ़ किले के संस्कृत शिलालेख ने खोला 1607 का राज
    shivam kumar

      Related Posts

      200 साल का रहस्य सुलझा: रोहतासगढ़ किले के संस्कृत शिलालेख ने खोला 1607 का राज

      October 9, 2026

      मुख्यमंत्री सोरेन की मां के निधन पर प्रधानमंत्री ने जताया दुख, परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदना

      October 8, 2026

      नहीं रहे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, 75 की उम्र में ली अंतिम सांस

      October 8, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      Recent Posts
      • दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शिक्षण संस्थानों के पास बढ़ेगी गश्त, कैब ड्राइवरों का होगा सख्त वेरिफिकेशन
      • 200 साल का रहस्य सुलझा: रोहतासगढ़ किले के संस्कृत शिलालेख ने खोला 1607 का राज
      • पंचतत्व में विलीन हुई रूपी सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां को दी मुखाग्नि
      • रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर नेमरा रवाना, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
      • मुख्यमंत्री सोरेन की मां के निधन पर प्रधानमंत्री ने जताया दुख, परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदना
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version