पांच महीने पहले झारखंड की सत्ता संभालनेवाले हेमंत सोरेन ने एक और साहसिक फैसला लेकर राज्य में व्याप्त गड़बड़ियों और ताकतवर अधिकारी लॉबी को सकते में डाल दिया है। इस फैसले के बाद उन तमाम राजनीतिक पंडितों की जुबान पर ताला लग गया है, जो कहते थे कि गठबंधन सरकार चलाते हुए हेमंत सोरेन साहसिक और बड़े फैसले नहीं ले सकते।