पूर्व की सरकार के कार्यकाल में किये गये पुलिस अनुसंधान पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। अब नया खुलासा यह हुआ है कि उस समय के विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों में अचानक कई वर्ष बाद पुलिस को सबूत हाथ लगने लगे थे और नेताओं पर लगे आरोपों को सत्य बता कर गिरफ्तारी का वारंट भी निकाला जा रहा था। यह काम राज्यसभा और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होता था। सीआइडी ने इस संबंध में संबंधित जिलों के आरक्षी अधीक्