मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जब राज्य की कमान संभाली थी तो उस समय सबकुछ विपरीत स्थिति में था। खजाना खाली, लॉ एंड आर्डर की समस्या, खनिज संपदाओं की तस्करी, एक समुदाय विशेष के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे थे। इन सबों से हेमंत और उनकी टीम को निपटना था। बेरोजगारी अलग मुंह बाये खड़ी थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सबसे पहले झारखंड में बेतहाशा सरकारी खर्च पर रोक लगा दिये। फालतू नये भवन के निर्माण पर रोक लगा दी गयी। सी