– जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वां दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति
भोपाल/जबलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवा विद्यार्थी केवल अपने परिवार या विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की आकांक्षाओं और भविष्य के निर्माता हैं। उनके ज्ञान, ऊर्जा और संकल्प से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।

राष्ट्रपति मुर्मु रविवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर का 36वां दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व तेजी से बदल रहा है। हमारी भाषा, रहन-सहन, जीवनशैली सब तेज गति से बदल रहे हैं, पर हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे कुछ मूल्य शाश्वत हैं जो हमें सदैव शक्ति प्रदान करते हैं। मेरा मानना है कि आप जैसे युवाओं को भारतीय संस्कृति के मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ नवाचार और अनुसंधान के प्रमुख केंद्र भी होते हैं। विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उद्यमिता का विकास करना शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। साथ ही, संस्थानों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और भाषाओं के प्रति गर्व के भाव को संचारित करें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए जनजातीय समुदाय के शैक्षिक विकास के लिए प्रयास करना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा था उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित रहे। समारोह में विश्वविद्यालय के 141 मेधावी विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदक और 182 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की गई। राष्ट्रपति ने चयनित विद्यार्थियों को 20 स्वर्ण पदक प्रदान किए।

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