मेदिनीनगर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि आजादी के बाद से पलामू की जनता और किसानों की समृद्धि को लेकर किसी ने चिंता नहीं की। वहीं, नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने पलामू और गढ़वा को विकास की राह पर लाने की पहल की है। पलामू सांसद बीडी राम, चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह और औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह ने अपने जन प्रतिनिधि होने की परिभाषा को सार्थक किया। मंडल डैम का निर्माण होने से क्षेत्र के किसानों की समृद्धि का द्वार खुल जायेगा। मंडल डैम से 19 हजार 604 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उक्त बातें शुक्रवार को मेदिनीनगर परिसदन में पत्रकारों से कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री शनिवार को उत्तर कोयल (मंडल डैम) परियोजना, कनहर सोन पाइप लाइन सिंचाई योजना और नहरों की लाइनिंग का शिलान्यास करेंगे। ये योजनाएं पलामू में सिंचाई और पेयजलापूर्ति में मील का पत्थर साबित होंगी।
किसानों की मेहनत की बदौलत बढ़ी विकास दर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान, गांव, महिला और युवाओं के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध हैं। राज्य सरकार भी झारखंड के किसानों पर गर्व करती है। आज इन मेहनतकश किसानों की बदौलत ही महज चार वर्ष में राज्य की कृषि विकास दर -4 % से +14% हो गयी। किसानों की समृद्धि और बदलते समय के अनुरूप उन्हें कृषि कार्य में दक्ष बनाने के उद्देश्य से पिछले साल 50 किसानों को इजरायल भेजा गया। सरकार की योजना और किसानों की मेहनत के बल पर उनकी आय चार गुणा करने की है।
महिला सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता
सीएम ने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता में है। सखी मंडल समेत अन्य योजनाओं के जरिये उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जा रहा है। राज्य की महिला किसानों को भी आधुनिक युग की खेती की जानकारी के लिए इजरायल भेजा जायेगा। प्रथम चरण में 50 महिला एवं 50 पुरुष इजरायल जायेंगे। उन्होंने बताया कि इ-नाम में निबंधित 21 हजार किसानों को प्रथम चरण में स्मार्ट फोन दिया जायेगा। राज्य के अन्य किसान भी इ-नाम में निबंधन करा लें। सरकार 28 लाख किसानों को स्मार्ट फोन देगी। इससे समय के साथ कृषि से संबंधित जानकारी उनकी हथेली में होगी।
प्रधानमंत्री छह योजनाओं का करेंगे शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री शनिवार को राज्य की छह महत्वाकांक्षी सिंचाई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही 47 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद पलामू और गढ़वा विकास की ओर अग्रसर होगा।
इन छह योजनाओं का होगा शिलान्यास
1. सोन नहर पाइप लाइन सिंचाई योजना
गढ़वा जिला में पाइप लाइन से विभिन्न जलाशयों को भरकर पेयजल एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1169.28 करोड़ की लागत से सोन नहर पाइप लाइन योजना का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत कुल 73.80 एमसीएम पानी लिफ्ट किये जाने का प्रावधान है। इस योजना से पेयजल के लिए 12.89 एमसीएम एवं सिंचाई के लिए 60.92 एमसीएम जल उपलब्ध कराया जायेगा।
2. उत्तर कोयल (मंडल डैम) परियोजना का अपूर्ण कार्य
इस योजना का शीर्ष कार्य (डैम) लातेहार जिला के बरवाडीह प्रखंड में उत्तर कोयल नदी पर निर्मित है। इस योजना को 2391.36 करोड़ की राशि से पूरा किया जायेगा। इससे गढ़वा एवं पलामू जिला में 19,604 हेक्टेयर में सिंचाइ होगी।
3. बतेर वीयर योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य
यह योजना पलामू जिला के हरिहरगंज प्रखंड में बतेर नदी पर निर्मित है। इस योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नहरों का लाइनिंग कार्य 17.47 करोड़ की लागत से होगा। दो साल में यह पूरा होगा। इस योजना से राज्य की 1008 हेक्टेयर खरीफ तथा 112 हेक्टेयर रबी फसल को सिंचाइ सुविधा मिलेगी।
4. बायीं बांकी जलाशय योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य
यह योजना गढ़वा जिला के नगरउंटारी प्रखंड में निर्मित है। इस योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नहरों के लाइनिंग कार्य के लिए 24.80 करोड़ की राशि खर्च होगी। इसे भी दो साल में पूरा होना है। इससे राज्य की 1200 हेक्टेयर खरीफ तथा 400 हेक्टेयर रबी फसल को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
5. अंजनवा जलाशय योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य
यह योजना चतरा जिला के मयूरहंड प्रखंड में निर्मित है। इसके पुनरुद्धार एवं मुख्य नहरों के लाइनिंग कार्य पर 67.53 करोड़ खर्च होंगे। इसे भी दो साल में पूरा किया जायेगा। इससे राज्य की 1560 हेक्टेयर खरीफ तथा 400 हेक्टेयर रबी फसल को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
6. ब्राह्मणी सिंचाई योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य
यह योजना पश्चिमी सिंहभूम जिला के चक्रधरपुर प्रखंड में निर्मित है। इसके पुनरुद्धार पर 11.62 करोड़ खर्च होंगे। यह भी दो साल में पूरी होगी। इससे राज्य की 1350 हेक्टेयर खरीफ फसल को सिंचाइ सुविधा मिलेगी।