जयनगर। प्लस टू उच्च विद्यालय जयनगर के प्राचार्य रामानुज सिंह की शुक्रवार को संदिग्ध स्थितियों में मौत हो गयी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जानकारी के अनुसार रामानुज सिंह (50 वर्ष) दिन में करीब ढाई बजे अपने कार्यालय में बैठकर काम कर रहे थे। लिपिक सुभाष यादव, मुकेश शर्मा एवं चपरासी बहादुर पासवान भी अपने-अपने कार्य में लगे थे। एकाएक कार्यालय से धुआं निकलने लगा। तब लिपिक एवं चपरासी ने आवाज दी। कोई जवाब नहीं आने पर कार्यालय का दरवाजा उन्होंने तोड़ दिया। कमरे में प्राचार्य जली अवस्था में मृत पाये गये।
रामानुज सिंह गिरिडीह जिला से स्थानांतरित होकर अगस्त में आये थे। वह मूलत: लखीसराय (बिहार) के रहने वाले थे। घटना स्थल से पेट्रोल का खाली डब्बा और जहर की शीशी भी मिली है। सूचना पाकर थाना प्रभारी रविकिशोर प्रसाद पुलिस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। साथ में बीडीओ अमित कुमार, सीओ विजय हेमराज खलको भी थे। बाद में सूचना पाकर एसडीओ केके राजहंस, एसडीपीओ संजीव कुमार सिंह, डीइओ शिवनारायण साह भी पहुंचे। इधर घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गयी है, जबकि शव को अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। एसडीपीओ ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
पुत्र ने कहा कि साजिश है पिता की मौत
प्लस टू उच्च विद्यालय जयनगर के प्रधानाध्यापक रामानुज सिंह की संदिग्ध मौत को उनके पुत्र आकाश कुमार ने गहरी साजिश करार दिया है। घटना के बाद जयनगर पहुंचे आकाश कुमार ने बताया कि उनके पिता कोडरमा स्थित दूधीमाटी में किराये पर रहते थे। प्राय: 4 बजे शाम तक घर आ जाते थे। पर आज जब नहीं आये, तो उनके फोन पर बात की गयी, जिसे किसी दूसरे व्यक्ति ने रिसीव किया। तब मामले की उन्हें जानकारी हुई। उन्होंने बताया कि उनके पिता कुछ महीने पहले ही जयनगर में पदस्थापित हुए थे। बातचीत में बताया करते थे कि यहां पिछले 18 साल से कोई प्रधानाध्यापक पदस्थापित नहीं रहे थे। इस पूरे मामले को आकाश कुमार ने एक गहरी साजिश बताया और कहा कि प्रतीत होता है साजिश पूर्वक उनकी हत्या की गयी है।