रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को दिल्ली से रांची पहुंचे। फिर दोपहर बाद वह दुमका चले गये। दिल्ली से लौटने के बाद उन्होंने रांची हवाई अड्डे पर कहा कि नयी सरकार का शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रहेगा। बता दें कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद हेमंत सोरेन पहली बार शुक्रवार को दिल्ली गये थे। वहां उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से शिष्टाचार मुलाकात की। फिर सीएम ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की।
रांची लौटने पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम किया है। वहां स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जो काम हुआ है, उसको हम झारखंड में भी लागू करना चाहते हैं। इस बारे में वह जल्दी ही अपनी टीम से विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में केजरीवाल से बातचीत हुई और आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उनको शुभकामनाएं भी दी हैं। हेमंत सोरेन ने कहा कि राष्ट्रपति संविधान के सर्वेसर्वा हैं। हमारा हाउस अच्छी तरह से चले, उसके लिए उनसे हमने आशीर्वाद लिया है।
जल्द मिलेंगे पीएम से
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्दी ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर बातचीत करेंगे कि झारखंड को कैसे और आगे बढ़ाना है। उन्होंने दोहराया कि झारखंड सरकार सूबे के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ मिल कर काम करेगी।
संथाल के लोगों को धन्यवाद देंगे
हेमंत सोरेन ने कहा कि दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद वह पहली बार संथाल परगना के दौरे पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजा आने के बाद वह संथाल परगना नहीं जा पाये थे। अब जा रहे हैं और जनता को धन्यवाद भी देंगे, क्योंकि वहां महागठबंधन का प्रदर्शन अच्छा रहा है। वहां कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और जनता की समस्याओं को भी सुनेंगे।
केरल के सीएम ने भेजा है पत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएएए पर अभी वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने बताया कि केरल के मुख्यमंत्री पीनाराई विजयन ने उन्हें सहित 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र को बचाने की बात कही है। हेमंत सोरेन ने कहा कि वह सीएए का अच्छी तरह से अध्ययन करेंगे, उनकी चिट्ठी को पढ़ेंगे, उसके बाद निर्णय करेंगे कि सीएए पर क्या करना है। बता दें कि हेमंत सोरेन चुनावी नतीजों के बाद दो बार दिल्ली जा चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो पायी है, क्योंकि प्रधानमंत्री अभी व्यस्त चल चल रहे हैं। दोनों बार हेमंत सोरेन ने पीएम से मिलने के लिए समय मांगा था।
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