रांची। रांची पुलिस ने सूफिया मर्डर केस के मुख्य आरोपी शेख बेलाल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी ओरमांझी के सिकिदिरी रोड से की गयी है। वह आॅटो से भाग रहा था। इसकी सूचना एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को मिली और पुलिस ने तुरंत नाकेबंदी कर उसे दबोच लिया। बेलाल की गिरफ्तारी के बाद रांची पुलिस ने युवती के ब्लाइंड हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। बेलाल ने बदला लेने की नीयत से सूफिया की हत्या की थी। उसके इस जघन्य कृत्य में उसके एक नाबालिग पुत्र और पहली पत्नी साबो खातून ने साथ दिया था।
तीन जनवरी को ओरमांझी थाना क्षेत्र के जोरावार जंगल से पुलिस ने महिला का सिर कटा शव बरामद किया था। उसके शरीर पर कपड़े भी नहीं थे। शव की पहचान के लिए भी लोग सामने नहीं आ रहे थे। एक मुखबिर के जरिये रांची पुलिस को सूचना मिली कि चान्हो थाना क्षेत्र के चटकल गांव की रहनेवाली युवती है। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी। जिसने भी सूचना दी थी, वह पक्की थी। लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से होनी बाकी थी। जैसे ही डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आयी, पुलिस अधिकारियों की बांछें खिल गयीं। क्रमवार बेलाल के रिश्तेदारों के यहां पुलिस ने दबिश बढ़ायी तो पूरे मामले की कलई खुलती चली गयी। प्याज के छिलके की तरह परत दर परत पूरा मामला खुलता चला गया। पुलिस ने शव की पहचान होने का दावा किया। बाद में आरोपियों के नाम भी सार्वजनिक कर दिये। मुख्य आरोपी बेलाल पर इनाम की घोषणा भी की गयी थी। पकड़े जाने के बाद बेलाल को लेकर पुलिस की टीम उस इलाके में गयी, जहां उसने शव को फेंका था। घटनास्थल पर आरोपी को साथ लेकर सीन रीक्रिएट किया गया। पुलिस अधिकारी का दावा है कि बेलाल हर राज उगलेगा। पुलिस ने उस दउली को भी बरामद कर लिया है, जिससे सूफिया के चेहरे पर कई वार किये गये थे। इस घटना ने रांची में राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ा दी थी। इधर ग्रामीण एसपी मो नौशाद का कहना है कि इस मामले में कोई भी निर्दोष जेल नहीं जायेगा। कांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट करे, इसकी अनुशंसा की जायेगी।

सूफिया ने बताया था जान को खतरा
सूफिया ने 29 मई 2020 को पिठोरिया थाना में शेख बेलाल और उसकी पहली पत्नी साबो खातून के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी। इसमें सूफिया ने बताया था कि बेलाल ने 15 माह पहले उसे झूठ बोल कर शादी कर ली थी। जब वह बेलाल के घर पहुंची, तब पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। घर लाने के कुछ दिन बाद तक उसे ठीक से रखा। लेकिन अप्रैल 2020 से बेलाल उसे बोलने लगा कि अब वह उसे नहीं रखेगा। बेलाल कहता था कि तुम माइके चली जाओ, नहीं तो जान से मार देंगे। सूफिया के इस एफआइआर के बाद बेलाल जेल भी गया था। इसके बाद से ही वह सूफिया से नाराज था और बदला लेने की ताक में था।
सीएम के काफिले पर हुआ था हमला: सोफिया हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किशोरगंज में सीएम के काफिले पर हमला भी किया गया था। इसके बाद मामला ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।

सूफिया के चेहरे पर 11 बार वार के निशान थे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि सूफिया की हत्या पहले गला दबा कर की गयी। जांच में पाया गया कि उसके चेहरे पर बेलाल ने हत्या से पहले दउली से 11 से ज्यादा बार वार किया था। बायीं आंख के ऊपर और आइब्रो के पास छह, नाक पर एक, दायीं गाल पर दो और दायीं आंख और होंठ के पास एक जगह जख्म का निशान है। इसके बाद गले को बेदर्दी से काट डाला। सूफिया का सिर काटने के बाद भी उसके चेहरे पर दउली से वार के निशान हैं।

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