-बीते एक साल के दौरान सिर्फ 3 फीसदी बढ़ी डीजल की कीमतें
-ऊर्जा के वैकल्पिक साधन अपनाने, उत्पादन बढ़ाने पर है जोर
नई दिल्ली/वाराणसी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद दुनियाभर में ऊर्जा की कीमतें बढ़ी। इसके बावजूद भारत में अप्रैल, 2022 से तेल के दामों में इजाफा नहीं हुआ है।

वाराणसी के प्रसिद्ध गंगा घाट पर चलने वाली नावों को सीएनजी-चालित बनाए जाने से संबंधित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे पुरी ने रविवार को यह बात कही। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि अप्रैल, 2022 से तेल के दामों में इजाफा नहीं हुआ है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि हमने एक्साइज ड्यूटी कम कर रखी है। इसलिए तेल की कीमतें स्थिर है। उन्होंने कहा कि दिसंबर, 2021 से दिसंबर, 2022 तक भारत में डीजल के दाम में मात्र 3 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि अमेरिका में 34 फीसदी कनाडा में 36 फीसदी और भी बाकी जगहों पर इजाफा हुआ है।

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि अगले दो दशकों में आने वाली वैश्विक ऊर्जा मांग में चौथाई हिस्सा अकेले भारत का रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस निर्भरता को कम करने के लिए भारत ने गन्ने के रस से बनने वाले इथेनॉल को एक सीमा तक पेट्रोल में मिलाने की मंजूरी दे दी है। पुरी ने कहा कि वर्ष 2025 तक भारत पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण की मंजूरी दे देगा।

पुरी ने कहा कि दुनिया का तीसरा बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा एवं बदलाव के लिए घरेलू स्तर पर तेल एवं गैस का उत्पादन बढ़ाने के साथ वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों को तेजी से अपना रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार घरेलू उत्खनन क्षेत्र को बढ़ाकर 2025 तक 5 लाख वर्ग किलोमीटर और वर्ष 2030 तक 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक पहुंचाना चाहती है। इससे घरेलू कच्चा तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ने के साथ आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

उल्लेखनीय है कि फिलहाल भारत अपनी 85 फीसदी तेल की जरूरत और 50 फीसदी गैस की जरूरत को आयात से ही पूरा करता है। ऐसी स्थिति में भारत को तेल-गैस आयात पर विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ता है।

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