राज्य की खनिज-संपदा से दूसरे राज्य हुए रोशन: हेमंत सोरेन
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कोरोना संक्रमण का असर आज भी कहीं न कहीं देखने को मिल रहा है। ऐसी विपरीत स्थिति में भी हमारी सरकार ने एक बेहतर मैनेजमेंट का उदाहरण देते हुए बिना कोई अपरा-तफरी के राज्यवासियों और प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित रखने का काम कर दिखाया है। कोरोना संक्रमण की धुंध छंटी ,राज्य सरकार ने रोजगार सृजन को लेकर एक बेहतर रणनीति बनायी। दूसरे प्रदेश से लौटे मजदूर सहित यहां के किसान, गरीब, जरूरतमंदों को कई योजनाओं से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया। पिछले 100 वर्ष से भी अधिक समय से झारखंड में खनिज-संपदा निकालने का काम किया गया। यहां की खनिज-संपदा का पूरा लाभ राज्यवासियों को नहीं मिला, बल्कि दूसरे प्रदेश के लोगों के घर हमारी खनिज-संपदाओं से रोशन हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य के कोयला से दूसरे राज्य रोशन हुए और झारखंड अंधेरे में रहने को मजबूर हुआ। हमारी सरकार ने खनिज-संपदा के अतिरिक्त भी विभिन्न क्षेत्रों में संभावना तलाशते हुए रोजगार सृजन कराया। मुख्यमंत्री रांची के खेलगांव में आयोजित रोजगार मेला में 2500 कौशल प्राप्त युवाओं को आॅफर लेटर वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड में एक बेहतरीन उद्योग पॉलिसी बनाते हुए टेक्सटाइल इंडस्ट्री को जोड़ा। राज्य सरकार और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लोगों ने वादे के मुताबिक 75% स्थानीय लोगों को अपने संस्थानों में नियुक्तियां दीं। राज्य सरकार के साथ-साथ टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लोगों ने भी कदम से कदम मिलाते हुए जरूरतमंद लोगों को रोजगार से जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षो में 50 हजार से अधिक युवक-युवतियों को निजी क्षेत्र में नियुक्तियां देने का काम राज्य सरकार ने किया। गांव-देहात के वैसे बच्चे, जो शहर में रह कर पढ़-लिख जाते थे, वे बैंक और रेलवे में नौकरी की तैयारी करते थे, लेकिन गलत नीति-निर्धारण के कारण आज बैंक तथा रेलवे में नौकरियां घटी हैं। केंद्र सरकार के कई उद्यम अब निजी हाथों में चले गये हैं। यही कारण है कि अब सरकारी नौकरियां कम हो रही हैं।
योग्यता और क्षमता के अनुसार बनायी योजनाएं:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जितनी भी योजनाएं बनायी हैं, वे सभी योजनाएं यहां के आदिवासी-मूल्की योग्यता और क्षमता के अनुरूप ही बनायी गयी हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में यहां की महिलाओं का भी अहम योगदान है। जितनी भी महिलाएं इस इंडोर स्टेडियम में मौजूद हैं, कहीं न कहीं सभी आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी महिलाओं से अपील की कि वे राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़ कर स्वरोजगार भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप स्वयं स्वरोजगार से जुड़ेंगे तो आनेवाले समय में अन्य लोगों को भी आप रोजगार से जोड़ सकते हैं। वर्तमान राज्य सरकार की विभिन्न व्यवस्था से जुड़ कर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं।
रोटी, कपड़ा और मकान मनुष्य जीवन के लिए नितांत आवश्यक
हेमंत ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान हर मनुष्य की आवश्यकता होती है। कोई भी व्यक्ति बिना भोजन, बिना कपड़े और बिना छत के नहीं रह सकता है। कई चुनौतियां और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारी सरकार ने पक्के मकान से वंचित लोगों के लिए अबुआ आवास योजना का शुभारंभ किया है। हमारी सरकार एक-दो दिनों बाद से ही पात्र लोगों को इस योजना का लाभ देना प्रारंभ करेगी। मुख्यमंत्री ने सर्वजन पेंशन योजना, सावित्रीबाई फुले योजना, गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना. विदेशों में पढ़ाई के लिए योजना आदि का जिक्र किया।
सभी की पीड़ा को समझने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, मजदूर आदिवासी, पिछड़े, जरूरतमंद सहित सभी वर्गों की पीड़ा को हमारी सरकार समझती है। हमारी सोच है कि हम आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर भविष्य प्रदान करें। हमारी सरकार रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और आगे भी करती रहेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आॅफर लेटर प्राप्त करने वाले सभी युवक-युवतियों को अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक राजेश कच्छप समेत राज्य सरकार के उच्चाधिकारी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के अधिकारी मौजूद थे।