पलामू। पलामू जिले के 300 से ज्यादा मंदिरों में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। विश्व हिंदू परिषद- बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मेदिनीनगर में यह कार्यक्रम शहीद चंद्रशेखर आजाद चौक रेड़मा स्थित महावीर मंदिर से प्रारंभ हुआ। शुरुआत समरसता संगोष्ठी से की गई। समरसता संगोष्ठी में जिला मंत्री दामोदर मिश्र ने राम जन्मभूमि आंदोलन, इसके इतिहास और मंदिर निर्माण तक की घटनाओं को विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि भगवान राम सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उनके जीवन से जुड़े सामाजिक समरसता के कई उदाहरण मिलते हैं। भगवान राम ने सबरी के जूठे बैर खाए। निषादराज को गले लगाया। चित्रकूट में कोल-भील को अपने परिवार का सदस्य माना। गिद्ध राज जटायु का अंतिम संस्कार अपने हाथों से किया। माता कैकेई को अपनी माता कौशल्या से ज्यादा प्रेम और मान दिया। भाइयों में परस्पर सम्भाव का उदाहरण दिया। उन्होंने शक्तिहीन समझे जाने वालों को ज्यादा महत्व दिया।

समरसता संगोष्ठी के बाद सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और भगवान श्री राम तथा हनुमान जी की आरती की गई। महावीर मंदिर में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के सभी मुख्य मंदिरों का भ्रमण-दर्शन किया। नगर के 11 मंदिरों में वर्षगांठ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला मुख्यालय के अलावा सभी प्रखंड-पंचायत मुख्यालयों और कई गांवों में भी यह कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया।

जिला मुख्यालय के कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के सह मंत्री महेंद्रनाथ, जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अजीत पाठक, जिला मंत्री दामोदर मिश्र, सह मंत्री अमित तिवारी, विशेष संपर्क प्रमुख किशोर पांडेय, बजरंग दल जिला संयोजक संदीप प्रसाद गुप्ता, नगर बजरंग दल संयोजक दिलीप गिरी, विद्यार्थी प्रमुख विवेक सिंह, दुर्गा वाहिनी संयोजिका कामिनी सिंह, सेवा प्रमुख गोपाल तिवारी, नगर विहिप अध्यक्ष दीपक प्रसाद, समरसता सह प्रमुख रवि तिवारी, प्रचार प्रसार प्रमुख सुरेश वर्मा, सोनू कुमार, हिमांशु सिंह, चित्रांश पांडेय, हिमांशु द्विवेदी, देवप्रताप द्विवेदी, उदय कुमार झा, अक्षोब भैरव, अशोक कुमार पांडेय, कंचन कुमार गुप्ता, पप्पू गुप्ता, कनक सिंह सहित कई की सहभागिता रही।

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